गोरखपुर में जहां था कूड़े का पहाड़…वहां अब बन गया सिटी फॉरेस्ट, 23 अप्रैल को सीएम योगी करेंगे जनता को समर्पित

गोरखपुर में जहां था कूड़े का पहाड़…वहां अब बन गया सिटी फॉरेस्ट, 23 अप्रैल को सीएम योगी करेंगे जनता को समर्पित

गोरखपुर जिले में शहर के किनारे राप्ती नदी का एकला बंधा है, यहां कभी पूरे शहर का कूडा फेंका जाता था पर आज स्थिति एकदम विपरीत है। सीएम योगी के जेहन में जब यह बात आई तब इस स्थल को खूबसूरत रिवर फ्रंट के रूप में बनाने का प्रोजेक्ट नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के सामने रखे।

सीएम योगी के प्रोजेक्ट को नगर आयुक्त ने पहनाया असली जामा

नगर आयुक्त ने भी इसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर इसे पर्यटन स्थल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, अब यह जगह नया टूरिस्ट स्पॉट बन गया है। यहां जमा कूड़े के पहाड़ का निस्तारण कर एकला बंधा पर नगर निगम ने ईको पार्क बना दिया है। इसके सामने की सड़क को भी फोरलेन बना दिया गया है। इस ईको पार्क और इसके सामने से बाघागाड़ा तक जाने वाली फोरलेन सड़क को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल (गुरुवार) को लोकार्पित करेंगे। इस समग्र परियोजना पर 41.50 करोड़ रुपये की लागत आई है।

शहर से सटे राप्ती नदी के किनारे होता था कूड़ा भंडारण

बता दें कि राप्ती नदी पर राजघाट पुल के समीप एकला बंधा पर कूड़े का बड़ा ढेर पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया था। इस लिगेसी वेस्ट में मीथेन गैस उत्सजर्न के कारण कई बार स्वतः आग भी लग जाती थी। दुर्गंध और वायु प्रदूषण आसपास की आबादी के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ था। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल बताते हैं कि दशकों से इकट्ठा कूड़े के निस्तारण के लिए सीएम योगी के मार्गदर्शन में नगर निगम ने एक कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया और सुखद परिणाम आज सामने है।

40 एकड़ भूमि को मुक्त कराकर बनाया गया सिटी फॉरेस्ट

नगर आयुक्त के अनुसार बायो रेमेडिएशन के माध्यम से नगर निगम ने 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कराकर 40 एकड़ भूमि को मुक्त कराया। इतने बड़े क्षेत्रफल में जमीन कूड़ामुक्त हुई तो इसे सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क के रूप में विकसित किया गया। अब लोग यहां प्राकृतिक एवं स्वच्छ वातावरण में पिकनिक मनाने आ सकेंगे। यहां वाकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां लोग सुबह और शाम को आकर वाक कर सकेंगे।

ग्रीन वेल्ट का भी हुआ विकास

इस स्पॉट पर योग और ध्यान के लिए अलग स्थान हैं। बच्चों के लिए भी सुरक्षित किड्स जोन का विकास किया गया है। इसके अलावा नगर निगम ने ईको पार्क के सामने से होकर बाघागाड़ा तक जाने वाले 2.90 किमी लंबे मार्ग पर फोरलेन सड़क बनवा दिया है। इस फोरलेन सड़क के डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट भी विकसित किया गया है।

इस पूरी परियोजना पर 41.50 करोड़ रुपये की लागत आई

लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, ईको पार्क के विकास और फोरलेन सड़क निर्माण पर नगर निगम ने कुल 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। विशाल कूड़े के ढेर को निस्तारित करने में 9 करोड़ रुपये जबकि ईको पार्क बनाने में 4.50 करोड़ रुपये की लागत आई। फोरलेन सड़क बनाने में 28 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।

ईको पार्क में सीएम योगी करेंगे स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ

ईको पार्क एवं फोरलेन सड़क के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ करेंगे। यह अभियान, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत सिटी लीडरशिप का विशेष कार्यक्रम है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ स्कूल अभियान केवल स्वच्छता का कार्यक्रम मात्र नहीं है बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी माध्यम है।

इन विषयों पर किया जाएगा जागरूक

स्वच्छ स्कूल अभियान के जरिये स्थायी व्यवहार परिवर्तन के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता एवं सफाई, रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, मासिक धर्म स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

विद्यार्थियों को किया जाएगा प्रोत्साहित

इस अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए वार्ड, जोन और नगर स्तर पर वेस्ट टू आर्ट, निबंध, क्विज, रील्स जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल स्टार रेटिंग प्रणाली के माध्यम से स्कूलों को 1 स्टार, 3 स्टार या 5 स्टार स्वच्छ स्कूल का दर्जा प्रदान किया जाएगा। इसके मूल्यांकन के लिए तृतीय पक्ष से आकलन कराया जाएगा।

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