मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी है। इस फैसले से खरगोन जिले के उन 14,268 किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने स्लॉट बुकिंग तो करा ली थी लेकिन समय पर अपनी उपज खरीदी केंद्रों तक नहीं ला पाए थे। तारीख बढ़ने से अब इन किसानों को अपनी फसल बेचने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी का लक्ष्य 75 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। खरीदी के लक्ष्य में की गई इस वृद्धि के साथ ही मध्य प्रदेश देश भर में सर्वाधिक गेहूं खरीदी करने वाला राज्य बन गया है। किसानों को उनकी उपज का सही दाम और समय पर खरीदी सुनिश्चित करने के लिए यह विस्तार किया गया है। खरगोन में अब तक 149 करोड़ का भुगतान
जिले के कुल 31 केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का काम लगातार जारी है। अब तक खरीदे गए गेहूं के एवज में किसानों को 149 करोड़ 66 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल खरीदी राशि का 93 प्रतिशत है। जिले में सबसे ज्यादा खरीदी बड़वाह, खरगोन, भीकनगांव और कसरावद के केंद्रों पर हुई है। वहीं, कुछ केंद्रों पर अभी भी गेहूं का परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। 7.65 लाख क्विंटल गेहूं की हो चुकी है खरीदी
खरगोन जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए कुल 27,804 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। इनमें से 13,536 किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। जिले में अब तक कुल 7 लाख 65 हजार 773 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। शेष बचे किसान अब नई अंतिम तिथि तक अपनी फसल बेच सकेंगे। किसानों का संशय हुआ दूर
तारीख बढ़ने से उन किसानों की चिंता खत्म हो गई है, जिनका नंबर अभी तक नहीं आ पाया था। किसान मोतीराम वर्मा और रमन यादव ने बताया कि, “स्लॉट बुकिंग के बाद खरीदी को लेकर बना संशय अब पूरी तरह दूर हो गया है। इस निर्णय से अब बाकी बचे किसान भी अपनी उपज आसानी से बेच सकेंगे।”


