विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं घर जला देंगे और रक्तपात करने की धमकी दी गई तो कहीं चुनाव आयोग में शिकायत की गई। दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में शनिवार को लोग सड़क पर उतर गए
विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं घर जला देंगे और रक्तपात करने की धमकी दी गई तो कहीं चुनाव आयोग में शिकायत की गई। दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में शनिवार को लोग सड़क पर उतर गए। लोगों ने तृणमूल नेताओं पर धमकाने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ता उन्हें धमकी दे रहे हैं। इसके विरोध में फलता विधानसभा क्षेत्र के निवासियों ने प्रदर्शन किया। एक स्थानीय महिला ने कहा, तृणमूल नेता इसराफिल चौकदार ने हमें धमकी दी है कि ये लोग अगर जीत गए तो वे यहां हमारे घर जला देंगे और रक्तपात करेंगे।
लोगों ने की गिरफ्तारी की मांग
एक स्थानीय महिला ने कहा, हमने तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया था फिर भी हम पर हमला किया गया। तृणमूल नेता इसराफिल चौकदार ने हमें धमकी दी है। हम चाहते हैं कि उनकी गिरफ्तारी हो। हमें महिलाओं की सुरक्षा चाहिए। इस बीच दक्षिण 24 परगना जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने कहा, अभी हालात काबू में हैं। लोगों की कुछ मांग है। कुछ धमकी का मामला है, उस पर केस भी दर्ज किया गया है। हमने उनकी मांगें सुनी हैं।
हर एक मिलीमीटर स्थान पर सीसीटीवी निगरानी की मांग
तृणमूल कांग्रेस ने महानगर के एक स्ट्रॉन्गरूम में डाक मतपत्रों की अनधिकृत छंटाई का आरोप लगाते हुए शनिवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई। खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर डेरा डाले तृणमूल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि डाक मतपत्रों से भरे आठ बक्से तड़के चार बजे लाए गए और उन्हें एक ऐसे कमरे में ले जाया गया, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। तृणमूल के एक सदस्य ने सवाल किया, हम मांग करते आ रहे हैं कि ईवीएम और डाक मतपत्रों वाले हर एक मिलीमीटर स्थान पर सीसीटीवी निगरानी रखी जाए, लेकिन जब इन बक्सों को अंदर ले जाया गया तो यह साफ हो गया कि उन्हें सीसीटीवी की पहुंच से दूर कमरे में ले जाया गया। आखिर ऐसा क्यों? उत्तर और पूर्व कोलकाता के कई विधानसभा क्षेत्रों की मतदान मशीनें खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रॉन्गरूम में रखी हैं।
तनाव और बढ़ा, दोनों पक्षों ने की नारेबाजी
तृणमूल कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच भाजपा की श्यामपुकुर से उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। दोनों पक्ष नारेबाजी करने लगे, जबकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश करती रही। चक्रवर्ती ने दावा किया कि हार के डर से तृणमूल कार्यकर्ता स्ट्रॉन्गरूम के बाहर हंगामा कर रहे हैं। बाद में तृणमूल ने कहा कि उसने इस मामले में निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करा दी है।
बारासात में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
उत्तर 24 परगना जिले के बारासात सरकारी कॉलेज स्थित स्ट्रॉन्गरूम के बाहर भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां तृणमूल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सुबह 17 मिनट तक सीसीटीवी बंद रहे। अशोकनगर से तृणमूल के उम्मीदवार नारायण गोस्वामी मौके पर पहुंचे और भवन के अंदर जाने की मांग की। एक निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह ठीक काम कर रहे हैं, लेकिन केंद्र के बाहर लगे मॉनिटर के बिजली के तार टूट गए थे। उन्होंने कहा, 17 मिनट का फुटेज तृणमूल या जिस भी पार्टी को चाहिए, उसके साथ साझा किया जाएगा। भाजपा ने पूर्व बर्धमान जिले में एक कथित वीडियो साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति को यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की दीवार फांदते दिखा जा सकता है और इसी इमारत में ईवीएम रखी गई हैं। निर्वाचन आयोग ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि वीडियो पुराना है और उसमें दिख रहा व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे और एसी लगाने का काम कर रहा था।


