UAE Iran Relations: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। UAE ने यह कदम क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों को देखते हुए उठाया है। UAE के विदेश मंत्रालय के स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट की निदेशक अफरा अल हमेली ने इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध अगली सूचना तक लागू रहेंगे।
यूएई पर बैलिस्टिक मिसाइलें हमले के बाद फैसला
यूएई ने कहा कि ईरान के साथ आर्थिक गतिविधियों को रोकने का फैसला क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की ओर से यूएई के क्षेत्रों की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के आरोप सामने आए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान सहित पड़ोसी देशों पर कथित ईरानी हमलों की भी निंदा की है।
आर्थिक संबंधों पर पड़ेगा असर
यूएई और ईरान के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक संबंध लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में सभी प्रकार के व्यापार और वित्तीय लेनदेन पर रोक का फैसला दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। इसका असर खाड़ी क्षेत्र में व्यापार और वित्तीय गतिविधियों पर भी पड़ने की संभावना है।
UAE ने भले ही ईरान के साथ आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है, लेकिन उसने कूटनीतिक समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अबू धाबी ने कहा कि संवाद, सहयोग और क्षेत्रीय एकीकरण शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार
यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी व्यापक संकट के बीच आया है। इस साल फरवरी में ईरान के बुनियादी ढांचे पर अमेरिका-इजरायली हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। इस दौरान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था।
17 जून को स्विट्जरलैंड में युद्धविराम और प्रतिबंधों में राहत से जुड़े एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। हालांकि, इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के कारण इलाके में तनाव बढ़ गया। अब इसके चलते खाड़ी देशों के साथ ईरान के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों पर दबाव बढ़ गया है।

