उत्तर छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार दोपहर बाद मौसम बदल गया। सोमवार शाम सरगुजा संभाग के कई इलाकों में तेज हवाएं चली और गरज-चमक के साथ बारिश भी हुई। बारिश के दौरान गाज गिरने से सरगुजा जिले के बतौली में 16 मवेशियों की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी सरगुजा के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के बाद लू के थपेड़ों से लोगों को राहत मिली है। उत्तर छत्तीसगढ़ में लू के थपेड़ों के कारण अधिकतम तापमान रविवार को 42 डिग्री के करीब पहुंच गया था। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण सोमवार दोपहर बाद संभाग में मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बादल छा गए। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई। लू के थपेड़ों से राहत, बारिश का अलर्ट
सरगुजा संभाग में बादलों के कारण राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं पर रोक लग गई है। मंगलवार को भी पूरे दिन बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान गाज गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार शाम सरगुजा जिले के बतौली इलाके में बारिश के साथ गाज गिरने से 16 मवेशियों की मौत हो गई। इनमें दो बैल एवं 14 बकरियां शामिल हैं। तापमान में जारी रहेगा उतार चढ़ाव
मौसम विभाग द्वारा आगामी एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विज्ञानी एएम. भट्ठ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से राजस्थान तक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल और महाराष्ट्र से तेलंगाना तक अलग-अलग द्रोणिकाएं सक्रिय हैं। मध्यप्रदेश और विदर्भ में चक्रवाती परिसंचरण बनने से बंगाल की खाड़ी से नमी के कारण बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञानी ने बताया कि दो दिनों बाद फिर से लू का असर दिख सकता है एवं तेजी से गर्मी बढ़ेगी। हालांकि फिर से नए सिस्टम के सक्रिय होने से तापमान में बदलाव होगा।


