Pune Water Supply Restored: पुणे शहर के बड़े हिस्से में गुरुवार सुबह से बंद पानी की सप्लाई आखिरकार शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हो गई है। तकनीकी खामियों और मरम्मत कार्यों में हुए विलंब के कारण शहरवासियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे पर नगर निगम की आम सभा में पार्षदों ने प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए भारी हंगामा किया।
आम सभा में उठा गूंजा पानी का मुद्दा
बीजेपी और एनसीपी के पार्षदों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। बीजेपी पार्षद योगेश मुलिक ने मांग की कि प्रशासन की विफलता के कारण हाउसिंग सोसायटियों को जो पानी के टैंकर मंगवाने पड़े, उनका बिल नगर निगम (PMC) को भरना चाहिए। कुणाल तिलक, हाजी गफूर, अनीता इंगले और पुनीत जोशी समेत कई नेताओं ने जनता को हुई परेशानी पर प्रशासन से जवाब मांगा।
क्यों हुई देरी?
अतिरिक्त नगर आयुक्त पवनीत कौर ने बताया कि पिछले हफ्ते टैंकर ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण रखरखाव का काम टाल दिया गया था। इस गुरुवार को जलापूर्ति प्रणाली को सुधारने के लिए 45 अलग-अलग मरम्मत प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। हालांकि, मुख्य ट्रांसमिशन लाइन के काम में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया, जिससे गुरुवार आधी रात तक बहाल होने वाली सप्लाई शुक्रवार दोपहर तक खिंच गई।
निजी टैंकरों के लिए सख्त SOP (नियम)
शहर में पानी के टैंकरों से हुए हादसों और दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब निजी टैंकरों के लिए नए नियम (SOP) लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत हर निजी टैंकर को अपने पानी के स्रोत की जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी टैंकरों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, 360 डिग्री व्यू के लिए रियर कैमरा और एक हेल्पर रखना भी जरूरी किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस टैंकरों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेंगे।
इन इलाकों में सुधरेगी स्थिति
पवनीत कौर ने आश्वासन दिया कि मोहम्मदवाड़ी और उंद्री जैसे इलाकों में पानी की समस्या जल्द दूर होगी। वडगांव जल उपचार संयंत्र (WTP) से दोराबजी और क्लाउड 9 स्थित ओवरहेड टैंकों तक ट्रांसमिशन लाइन का काम अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि 15 मई तक इन टैंकों में पानी उपलब्ध होगा और वितरण लाइनें पूरी तरह चालू हो जाएंगी।


