विराट कोहली IPL जीतने के बाद प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे:पत्नी अनुष्का भी साथ; वृंदावन आश्रम में दोनों नंगे पैर चलते नजर आए

विराट कोहली IPL जीतने के बाद प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे:पत्नी अनुष्का भी साथ; वृंदावन आश्रम में दोनों नंगे पैर चलते नजर आए

क्रिकेटर विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। दोनों अपनी कार से केली कुंज आश्रम के अंदर तक नंगे पैर गए। संत प्रेमानंद के दर्शन किए। उनका आशीर्वाद लिया। कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 2 दिन पहले (31 मई) लगातार दूसरा IPL खिताब जीता था। विराट-अनुष्का सुबह करीब 7 बजे वृंदावन पहुंचे। आश्रम में संत प्रंमानंद के शिष्यों ने उनकी अगवानी की। चेहरे पर मास्क लगाए विराट-अनुष्का सीधे आश्रम के अंदर गए। करीब 2 घंटे बाद दोनों बाहर आए। इस दौरान विराट ने माथे पर चंदन और त्रिपुंड लगा रखा था। उनके कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। इससे पहले, विराट और अनुष्का ने इसी साल 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया वाले दिन संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए थे। सत्संग सुना था। विराट-अनुष्का की आज की 4 तस्वीरें- 2 दिन पहले विराट ने RCB को IPL फाइनल जिताया था
31 मई को RCB ने लगातार दूसरी बार IPL का खिताब जीता था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया था। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे थे। 7वीं बार प्रेमानंद से मिलने पहुंचे विराट और अनुष्का
विराट और अनुष्का ने अब तक 7 बार संत प्रेमानंद से मुलाकात की है। पहली बार 4 जनवरी, 2023 को दोनों संत प्रेमानंद से मिले थे। बीते 3 साल में दोनों की यह 7वीं और इस साल तीसरी मुलाकात है। अप्रैल से पहले 16 फरवरी को बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी दोनों यहां आए थे। 2025 में भी यह कपल तीन बार आश्रम पहुंचा था, जनवरी में बच्चों के साथ, मई में और फिर दिसंबर में। प्रेमानंद महाराज से अनुष्का-विराट कब-कब मिले, और क्या बातें हुईं…. 14 मई, 2025: विराट-अनुष्का 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का से पूछा- प्रसन्न हो? इस पर विराट ने मुस्कुराकर कहा- हां। महाराज ने दोनों को आशीर्वाद दिया- जाओ, खूब आनंदित रहो, नाम जप करते रहो। इस पर अनुष्का ने पूछा- बाबा क्या नाम जप से सबकुछ पूरा हो जाएगा? महाराज ने कहा- हां, सब पूरा होगा। प्रेमानंद महाराज ने कहा- वैभव मिलना कृपा नहीं है। यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है। इससे आपके अनंत जन्मों के संस्कार भस्म होते हैं और अगला जन्म बड़ा उत्तम होता है। भगवान जब कृपा करते हैं तो संत समागम देते हैं। दूसरी कृपा जब होती है तो विपरीतता देते हैं और फिर अंदर से एक रास्ता देते हैं। यह शांति का रास्ता नहीं। भगवान वो रास्ता देते हैं और जीव को अपने पास बुला लेते हैं। बिना प्रतिकूलता के संसार का राग नष्ट नहीं होता। अनुष्का-विराट करीब 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे थे। 10 जनवरी, 2025: प्रेमानंद महाराज ने कहा था- अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा और दोनों बच्चों के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से भक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। बातचीत के दौरान विराट ने पूछा, ‘असफलता से कैसे निकलें। महाराज ने जवाब में कहा, ‘अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। अपने अभ्यास को निरंतर और नियंत्रण में रखते हुए आगे बढ़ें। जैसे मेरे लिए नाम जप एक साधना है, वैसे ही विराट के लिए क्रिकेट ही साधना है। बस बीच-बीच में भगवान का नाम लेते रहें।’ उन्होंने कहा, ‘विजय के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है। एक अभ्यास और दूसरा प्रारब्ध। यदि प्रारब्ध नहीं है, सिर्फ अभ्यास है, तब जीत मुश्किल हो जाती है। इसके लिए प्रभु के ज्ञान के साथ-साथ उनका नाम जपना आवश्यक है।’ अनुष्का ने पूछा- पिछली बार जब हम आए थे तो मन में कुछ सवाल थे, लेकिन मैं पूछ नहीं पाई। मैं आपसे मन ही मन बात कर रही थी। मेरे मन में जो सवाल थे, उसे कोई न कोई पूछ लेता था। प्रेमानंद महाराज बोले- श्रीजी वो व्यवस्था कर देती हैं। सबसे बड़ी बात, हम साधना देकर लोगों को प्रसन्नता दे रहे हैं। और ये पूरे भारत को प्रसन्नता एक खेल में देते हैं। अगर ये विजयी हुए तो हमारे पूरे भारत में पटाखे छूटते हैं। पूरे भारत में आनंद मनाया जाता है। क्या ये इनकी साधना नहीं है? ये भी तो उनकी साधना है। इनके साथ पूरा भारत जुड़ा हुआ है। अगर ये विजयी हुए तो बच्चा-बच्चा आनंदित हो जाता है, तो ये भी एक साधना है। विराट ने पूछा- असफलता में हमें कैसे रहना है?
महाराज बोले- उस समय हमको भगवान का चिंतन करते हुए धैर्य रखना है। ये बड़ा कठिन है। असफलता में कोई धैर्यपूर्वक मुस्कुरा के निकल जाए, ये बहुत बड़ी बात होती है। असफलता हमेशा नहीं रहेगी। दिन है तो रात आएगी, रात है तो दिन आएगा। हमको धैर्यपूर्वक भगवान का स्मरण करना चाहिए। पर यह बहुत कठिन है, क्योंकि जो सम्मान सफलता में मिलता है वो असफलता में नहीं मिलता। खबर अपडेट की जा रही है….. क्रिकेटर विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। दोनों अपनी कार से केली कुंज आश्रम के अंदर तक नंगे पैर गए। संत प्रेमानंद के दर्शन किए। उनका आशीर्वाद लिया। कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 2 दिन पहले (31 मई) लगातार दूसरा IPL खिताब जीता था। विराट-अनुष्का सुबह करीब 7 बजे वृंदावन पहुंचे। आश्रम में संत प्रंमानंद के शिष्यों ने उनकी अगवानी की। चेहरे पर मास्क लगाए विराट-अनुष्का सीधे आश्रम के अंदर गए। करीब 2 घंटे बाद दोनों बाहर आए। इस दौरान विराट ने माथे पर चंदन और त्रिपुंड लगा रखा था। उनके कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। इससे पहले, विराट और अनुष्का ने इसी साल 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया वाले दिन संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए थे। सत्संग सुना था। विराट-अनुष्का की आज की 4 तस्वीरें- 2 दिन पहले विराट ने RCB को IPL फाइनल जिताया था
31 मई को RCB ने लगातार दूसरी बार IPL का खिताब जीता था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टीम ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया था। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे थे। 7वीं बार प्रेमानंद से मिलने पहुंचे विराट और अनुष्का
विराट और अनुष्का ने अब तक 7 बार संत प्रेमानंद से मुलाकात की है। पहली बार 4 जनवरी, 2023 को दोनों संत प्रेमानंद से मिले थे। बीते 3 साल में दोनों की यह 7वीं और इस साल तीसरी मुलाकात है। अप्रैल से पहले 16 फरवरी को बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी दोनों यहां आए थे। 2025 में भी यह कपल तीन बार आश्रम पहुंचा था, जनवरी में बच्चों के साथ, मई में और फिर दिसंबर में। प्रेमानंद महाराज से अनुष्का-विराट कब-कब मिले, और क्या बातें हुईं…. 14 मई, 2025: विराट-अनुष्का 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुष्का के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का से पूछा- प्रसन्न हो? इस पर विराट ने मुस्कुराकर कहा- हां। महाराज ने दोनों को आशीर्वाद दिया- जाओ, खूब आनंदित रहो, नाम जप करते रहो। इस पर अनुष्का ने पूछा- बाबा क्या नाम जप से सबकुछ पूरा हो जाएगा? महाराज ने कहा- हां, सब पूरा होगा। प्रेमानंद महाराज ने कहा- वैभव मिलना कृपा नहीं है। यह पुण्य है। भगवान की कृपा अंदर का चिंतन बदलना है। इससे आपके अनंत जन्मों के संस्कार भस्म होते हैं और अगला जन्म बड़ा उत्तम होता है। भगवान जब कृपा करते हैं तो संत समागम देते हैं। दूसरी कृपा जब होती है तो विपरीतता देते हैं और फिर अंदर से एक रास्ता देते हैं। यह शांति का रास्ता नहीं। भगवान वो रास्ता देते हैं और जीव को अपने पास बुला लेते हैं। बिना प्रतिकूलता के संसार का राग नष्ट नहीं होता। अनुष्का-विराट करीब 2 घंटे 20 मिनट आश्रम में रहे थे। 10 जनवरी, 2025: प्रेमानंद महाराज ने कहा था- अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित विराट कोहली, पत्नी अनुष्का शर्मा और दोनों बच्चों के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से भक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। बातचीत के दौरान विराट ने पूछा, ‘असफलता से कैसे निकलें। महाराज ने जवाब में कहा, ‘अभ्यास जारी रखें, जीत निश्चित है। अपने अभ्यास को निरंतर और नियंत्रण में रखते हुए आगे बढ़ें। जैसे मेरे लिए नाम जप एक साधना है, वैसे ही विराट के लिए क्रिकेट ही साधना है। बस बीच-बीच में भगवान का नाम लेते रहें।’ उन्होंने कहा, ‘विजय के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है। एक अभ्यास और दूसरा प्रारब्ध। यदि प्रारब्ध नहीं है, सिर्फ अभ्यास है, तब जीत मुश्किल हो जाती है। इसके लिए प्रभु के ज्ञान के साथ-साथ उनका नाम जपना आवश्यक है।’ अनुष्का ने पूछा- पिछली बार जब हम आए थे तो मन में कुछ सवाल थे, लेकिन मैं पूछ नहीं पाई। मैं आपसे मन ही मन बात कर रही थी। मेरे मन में जो सवाल थे, उसे कोई न कोई पूछ लेता था। प्रेमानंद महाराज बोले- श्रीजी वो व्यवस्था कर देती हैं। सबसे बड़ी बात, हम साधना देकर लोगों को प्रसन्नता दे रहे हैं। और ये पूरे भारत को प्रसन्नता एक खेल में देते हैं। अगर ये विजयी हुए तो हमारे पूरे भारत में पटाखे छूटते हैं। पूरे भारत में आनंद मनाया जाता है। क्या ये इनकी साधना नहीं है? ये भी तो उनकी साधना है। इनके साथ पूरा भारत जुड़ा हुआ है। अगर ये विजयी हुए तो बच्चा-बच्चा आनंदित हो जाता है, तो ये भी एक साधना है। विराट ने पूछा- असफलता में हमें कैसे रहना है?
महाराज बोले- उस समय हमको भगवान का चिंतन करते हुए धैर्य रखना है। ये बड़ा कठिन है। असफलता में कोई धैर्यपूर्वक मुस्कुरा के निकल जाए, ये बहुत बड़ी बात होती है। असफलता हमेशा नहीं रहेगी। दिन है तो रात आएगी, रात है तो दिन आएगा। हमको धैर्यपूर्वक भगवान का स्मरण करना चाहिए। पर यह बहुत कठिन है, क्योंकि जो सम्मान सफलता में मिलता है वो असफलता में नहीं मिलता। खबर अपडेट की जा रही है…..

​स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर

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