गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के पोचरी गांव निवासी मिथुन मंडल की धनबाद-गया रेलखंड स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय गिरकर मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब मिथुन मंडल भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, मिथुन मंडल गुजरात में ट्रांसमिशन लाइन से संबंधित कंपनी स्टार लाइट में सीनियर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से घर लौटते समय पारसनाथ स्टेशन पर उतरते वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बेको पूर्वी पंचायत के पूर्व मुखिया टेकलाल चौधरी पारसनाथ स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डुमरी विधायक जयराम महतो भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी घटना का जायजा लिया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। मिथुन मंडल की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मिथुन मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात में नौकरी करते थे। इस घटना के बाद पोचरी गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के पोचरी गांव निवासी मिथुन मंडल की धनबाद-गया रेलखंड स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय गिरकर मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब मिथुन मंडल भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, मिथुन मंडल गुजरात में ट्रांसमिशन लाइन से संबंधित कंपनी स्टार लाइट में सीनियर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। भुसावल से मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन से घर लौटते समय पारसनाथ स्टेशन पर उतरते वक्त उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बेको पूर्वी पंचायत के पूर्व मुखिया टेकलाल चौधरी पारसनाथ स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डुमरी विधायक जयराम महतो भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी घटना का जायजा लिया। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। मिथुन मंडल की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मिथुन मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात में नौकरी करते थे। इस घटना के बाद पोचरी गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।


