लखीमपुर खीरी के धौरहरा तहसील क्षेत्र के बेलवा मोती गांव के मूल निवासी विरल शर्मा ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। जारी परिणाम में विरल शर्मा ने सातवीं रैंक प्राप्त कर डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) पद के लिए चयन सुनिश्चित किया है। वर्तमान में विरल शर्मा शहर के राजाजीपुरम मोहल्ले में रहते हैं। उनके पिता बलराम शर्मा बेसिक शिक्षा विभाग से प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता कुसुम लता शर्मा गृहिणी हैं। विरल शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने एनआईटी इलाहाबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद विरल ने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू की और तीन बार इस परीक्षा में शामिल हुए। वे मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। इसी दौरान विरल ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी। इस परीक्षा में उन्हें प्रदेश स्तर पर सातवीं रैंक प्राप्त हुई। परिणाम घोषित होने के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों में खुशी का माहौल है। बेटे के डिप्टी कलेक्टर बनने पर पिता बलराम शर्मा और माता कुसुम लता शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे विरल के कठिन परिश्रम, लगन और धैर्य का परिणाम बताया। विरल की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनी है।


