सरकारी राशि से दरवाजे पर टॉयलेट बनाने का आरोप:औरंगाबाद में ग्रामीणों ने डीडीसी से की शिकायत, बोले- कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करेंगे

सरकारी राशि से दरवाजे पर टॉयलेट बनाने का आरोप:औरंगाबाद में ग्रामीणों ने डीडीसी से की शिकायत, बोले- कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करेंगे

औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र के बनिया पंचायत अंतर्गत कुशहा गांव में सार्वजनिक टॉयलेट निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि पंचायत समिति सदस्य की ओर से सरकारी योजना के तहत बनने वाले टॉयलेट का निर्माण अपने ही घर के पास कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह सार्वजनिक सुविधा का निजी फायदा उठाने का मामला है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार टॉयलेट की वास्तविक जरूरत कुशहा मोड़ पर है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। गांव के प्रेम शंकर मनमौजी, ओमप्रकाश, सुनील यादव, बृजकिशोर सिंह, धीरेंद्र सिंह, बृजनंदन यादव और मिंटू कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस निर्णय का विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक टॉयलेट ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां से पूरे गांव को सुविधा मिल सके, न कि किसी एक व्यक्ति को। ग्रामीणों ने लगाया सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप प्रेम शंकर ने कहा कि यह पूरी तरह अनुचित है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है। ओमप्रकाश ने बताया कि कुशहा मोड़ पर रोजाना स्कूली छात्र-छात्राएं और महिलाएं गुजरती हैं, जहां टॉयलेट की सख्त आवश्यकता है। सुनील यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि बृजकिशोर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण काम नहीं रोका गया तो आंदोलन किया जाएगा। मिंटू कुमार ने भी इसे गांव के साथ अन्याय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब पंचायत समिति सदस्य उमेश यादव से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने पहले इसे निजी खर्च से कराया जा रहा निर्माण बताया। हालांकि, जांच में सामने आया कि शौचालय का निर्माण षष्ठम वित्त योजना के तहत सरकारी राशि से किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। डीडीसी से की गई शिकायत मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीडीसी से मुलाकात कर हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है और निर्माण काम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने टॉयलेट का निर्माण कुशहा मोड़ पर कराने की मांग दोहराई है, ताकि आम लोगों को इसका फायदा मिल सके। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र के बनिया पंचायत अंतर्गत कुशहा गांव में सार्वजनिक टॉयलेट निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि पंचायत समिति सदस्य की ओर से सरकारी योजना के तहत बनने वाले टॉयलेट का निर्माण अपने ही घर के पास कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह सार्वजनिक सुविधा का निजी फायदा उठाने का मामला है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार टॉयलेट की वास्तविक जरूरत कुशहा मोड़ पर है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। गांव के प्रेम शंकर मनमौजी, ओमप्रकाश, सुनील यादव, बृजकिशोर सिंह, धीरेंद्र सिंह, बृजनंदन यादव और मिंटू कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस निर्णय का विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक टॉयलेट ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए, जहां से पूरे गांव को सुविधा मिल सके, न कि किसी एक व्यक्ति को। ग्रामीणों ने लगाया सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप प्रेम शंकर ने कहा कि यह पूरी तरह अनुचित है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है। ओमप्रकाश ने बताया कि कुशहा मोड़ पर रोजाना स्कूली छात्र-छात्राएं और महिलाएं गुजरती हैं, जहां टॉयलेट की सख्त आवश्यकता है। सुनील यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि बृजकिशोर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण काम नहीं रोका गया तो आंदोलन किया जाएगा। मिंटू कुमार ने भी इसे गांव के साथ अन्याय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब पंचायत समिति सदस्य उमेश यादव से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने पहले इसे निजी खर्च से कराया जा रहा निर्माण बताया। हालांकि, जांच में सामने आया कि शौचालय का निर्माण षष्ठम वित्त योजना के तहत सरकारी राशि से किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। डीडीसी से की गई शिकायत मामले को लेकर ग्रामीणों ने डीडीसी से मुलाकात कर हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है और निर्माण काम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने टॉयलेट का निर्माण कुशहा मोड़ पर कराने की मांग दोहराई है, ताकि आम लोगों को इसका फायदा मिल सके। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।  

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