गढ़वा जिले से सामने आई एक अनोखी तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक शिक्षक घोड़े पर सवार होकर गांव-गांव जनगणना करते नजर आ रहे हैं। महंगे पेट्रोल-डीजल के दौर में यह दृश्य लोगों को हैरान भी कर रहा है और सोचने पर मजबूर भी। राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता का यह अंदाज अब मोबाइल स्क्रीन से निकलकर हर चर्चा का हिस्सा बन गया है। कोई इसे ‘रियल इंडिया’ बता रहा है तो कोई इसे महंगाई पर करारा तंज मान रहा है। तरीका सस्ता और समय भी बचाता है दरअसल, मुन्ना प्रसाद गुप्ता को 16 मई से मकान सूचीकरण और जनगणना का कार्य सौंपा गया है। उनका कार्यक्षेत्र पनघटवा और आसपास के गांव हैं, जहां पहुंचना आसान नहीं है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और दुर्गम रास्तों को देखते हुए अपने पुराने साधन घोड़े को चुना। वीडियो में वह हाथ में कागजात लिए, घोड़े पर सवार होकर संकरी पगडंडियों से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह तरीका न सिर्फ सस्ता है, बल्कि समय की बचत भी करता है। हर घर तक पहुंचना आसान बनाता है। दुर्गम रास्तों में घोड़ा बना सबसे भरोसेमंद साथी गढ़वा के इन इलाकों में गांव बिखरे हुए हैं। अधिकतर घर ऊंचाई या खेतों के बीच बने हैं। मुख्य सड़क से जुड़ाव कच्ची पगडंडियों के जरिए होता है, जहां बाइक या कार ले जाना मुश्किल होता है। ऐसे में घोड़ा उनके लिए सबसे कारगर साधन साबित हो रहा है। वायरल वीडियो में ग्रामीण भी उत्सुकता के साथ उन्हें देखते नजर आ रहे हैं। कई लोग उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिससे यह मामला तेजी से फैल गया है। लोग बोले- यही है असली इनोवेशन जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने शिक्षक के इस प्रयास की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ ईंधन बचाने की दिशा में अच्छा कदम है, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का बेहतरीन उदाहरण भी है। वहीं, सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे ‘देसी जुगाड़’ कह रहे हैं, तो कुछ इसे जमीनी हकीकत से जुड़ा इनोवेशन बता रहे हैं। कुल मिलाकर, मुन्ना प्रसाद गुप्ता का यह अनोखा अंदाज अब एक मिसाल बनता जा रहा है, जो बता रहा है कि मुश्किल हालात में भी काम करने के तरीके बदले जा सकते हैं। गढ़वा जिले से सामने आई एक अनोखी तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक शिक्षक घोड़े पर सवार होकर गांव-गांव जनगणना करते नजर आ रहे हैं। महंगे पेट्रोल-डीजल के दौर में यह दृश्य लोगों को हैरान भी कर रहा है और सोचने पर मजबूर भी। राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता का यह अंदाज अब मोबाइल स्क्रीन से निकलकर हर चर्चा का हिस्सा बन गया है। कोई इसे ‘रियल इंडिया’ बता रहा है तो कोई इसे महंगाई पर करारा तंज मान रहा है। तरीका सस्ता और समय भी बचाता है दरअसल, मुन्ना प्रसाद गुप्ता को 16 मई से मकान सूचीकरण और जनगणना का कार्य सौंपा गया है। उनका कार्यक्षेत्र पनघटवा और आसपास के गांव हैं, जहां पहुंचना आसान नहीं है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और दुर्गम रास्तों को देखते हुए अपने पुराने साधन घोड़े को चुना। वीडियो में वह हाथ में कागजात लिए, घोड़े पर सवार होकर संकरी पगडंडियों से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह तरीका न सिर्फ सस्ता है, बल्कि समय की बचत भी करता है। हर घर तक पहुंचना आसान बनाता है। दुर्गम रास्तों में घोड़ा बना सबसे भरोसेमंद साथी गढ़वा के इन इलाकों में गांव बिखरे हुए हैं। अधिकतर घर ऊंचाई या खेतों के बीच बने हैं। मुख्य सड़क से जुड़ाव कच्ची पगडंडियों के जरिए होता है, जहां बाइक या कार ले जाना मुश्किल होता है। ऐसे में घोड़ा उनके लिए सबसे कारगर साधन साबित हो रहा है। वायरल वीडियो में ग्रामीण भी उत्सुकता के साथ उन्हें देखते नजर आ रहे हैं। कई लोग उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिससे यह मामला तेजी से फैल गया है। लोग बोले- यही है असली इनोवेशन जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने शिक्षक के इस प्रयास की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ ईंधन बचाने की दिशा में अच्छा कदम है, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का बेहतरीन उदाहरण भी है। वहीं, सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे ‘देसी जुगाड़’ कह रहे हैं, तो कुछ इसे जमीनी हकीकत से जुड़ा इनोवेशन बता रहे हैं। कुल मिलाकर, मुन्ना प्रसाद गुप्ता का यह अनोखा अंदाज अब एक मिसाल बनता जा रहा है, जो बता रहा है कि मुश्किल हालात में भी काम करने के तरीके बदले जा सकते हैं।


