पानीपत शहर की सड़कों पर स्टंटबाजों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें अब कानून और पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा। पानीपत के प्राचीन देवी मंदिर के पास एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। यहां दो युवकों ने बुलेट मोटरसाइकिल से पटाखे फोड़कर आग भड़काने का खतरनाक स्टंट किया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जिस समय यह जानलेवा खेल चल रहा था, पुलिस की डायल 112 की गाड़ी ठीक उनके पीछे खड़ी थी, लेकिन पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर यह सब देखते रहे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने ये भी बात कही कि पुरानी बुलेट और पुरानी रंजिश की खौफ हमेशा रहता है। ये है पूरा मामला शहर थाना के SA ईएएसआई कर्मबीर को सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी मिली। वायरल वीडियो में देखा गया कि ऑस्कर अस्पताल के पास स्थित विक्की मोटर्स के सामने दो युवक सरेआम लापरवाही की हदें पार कर रहे हैं। एक लड़का काली बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठकर जोर-जोर से रेस देकर पटाखे फोड़ रहा था। वहीं, उसका दूसरा साथी एक लकड़ी के डंडे पर कपड़ा बांधकर, उसमें आग लगाकर बुलेट के साइलेंसर के आगे अड़ा रहा था। जैसे ही बुलेट से पटाखे फूटते, साइलेंसर से निकलने वाली गैस और आग के संपर्क में आकर लपटें भयावह रूप ले लेती थीं। यह स्टंट इतना खतरनाक था कि जरा सी चूक किसी की जान ले सकती थी या पास की दुकानों में भीषण आग लग सकती थी। पुलिस की मौजूदगी में किया फायर स्टंट सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर हो रही है। वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि जिस जगह यह स्टंट किया जा रहा था, उसके ठीक पीछे पुलिस की डायल 112 वाहन तैनात था। नियमानुसार, पुलिस को तुरंत एक्शन लेते हुए इन युवकों को दबोचना चाहिए था और वाहन को जब्त करना चाहिए था। लेकिन वीडियो में पुलिस की गाड़ी स्थिर खड़ी रही और युवक बेखौफ होकर आग से खेलते रहे। आरोपियों की हुई पहचान, पुलिस ने दर्ज की FIR मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। बुलेट पर बैठकर पटाखे फोड़ने वाले युवक का नाम वंश निवासी तेज कॉलोनी है, जबकि डंडे में आग लगाकर साइलेंसर के आगे अड़ाने वाले युवक का नाम समीर निवासी माई जी कॉलोनी है। ईएएसआई कर्मबीर की शिकायत पर थाना शहर पानीपत में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 (लापरवाही से आग या ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत केस दर्ज कर लिया है।


