पाटलिपुत्र जंक्शन के पास वंदे भारत का ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड बन रहा, 30 मिनट में चमकेंगे 8 कोच

पाटलिपुत्र जंक्शन के पास वंदे भारत का ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड बन रहा, 30 मिनट में चमकेंगे 8 कोच

पटना से चलने वाली हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव के लिए रेलवे ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। पाटलिपुत्र जंक्शन के पास पूर्व मध्य रेल के पहले अत्याधुनिक ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड और कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू हो गया है। 283.16 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में न केवल ट्रेनों की सफाई होगी, बल्कि उनका पूर्ण तकनीकी मेंटेनेंस भी होगा। इस कॉम्प्लेक्स के तैयार होने के बाद बिहार को 10 और नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड की सबसे बड़ी खूबी इसकी रफ्तार है। सामान्य वाशिंग यार्ड की तुलना में यहां एक चौथाई समय लगेगा। 30 मिनट के भीतर ही 8 कोच की पूरी तरह सफाई हो जाएगी। 18 माह के भीतर इस कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कॉम्प्लेक्स बनने के बाद 10 और वंदे भारत मिलेंगी अभी पटना, राजेंद्रनगर, पाटलिपुत्र और दानापुर से 10 वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन हो रहा है। इनमें 22348 पटना-हावड़ा, 22349 पटना-रांची, 22345 पटना-गोमती नगर (लखनऊ), 20894 पटना-टाटानगर, 21896 पटना-टाटानगर, 21894 पटना-टाटानगर, 22234 पटना-न्यू जलपाईगुड़ी, 26302 दानापुर-जोगबनी, 26501 पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। हाइटेक कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनने के बाद 2028 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी। राज्य को 10 और ट्रेनें मिलेंगी। इससे पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। खास बातें अभी राजेंद्रनगर में हो रहा मेंटेनेंस पटना से खुलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का मेंटेनेंस अभी राजेंद्रनगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स में हो रहा है। 20 करोड़ की लागत से इसे अपग्रेड किया गया है। वंदे भारत की रैक के अनुकूल दो प्लेटफॉर्म को ऊंचा किया गया है। ओएचई वायर को भी बदला गया है। लागत : 283.16 करोड़ रुपए। समय सीमा : 18 माह में निर्माण पूरा होगा। फायदा : 10 और नई वंदे भारत ट्रेनें मिलेंगी। क्षमता : समय और पानी दोनों की बचत। पटना से चलने वाली हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव के लिए रेलवे ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। पाटलिपुत्र जंक्शन के पास पूर्व मध्य रेल के पहले अत्याधुनिक ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड और कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू हो गया है। 283.16 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में न केवल ट्रेनों की सफाई होगी, बल्कि उनका पूर्ण तकनीकी मेंटेनेंस भी होगा। इस कॉम्प्लेक्स के तैयार होने के बाद बिहार को 10 और नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस ऑटोमेटिक वाशिंग यार्ड की सबसे बड़ी खूबी इसकी रफ्तार है। सामान्य वाशिंग यार्ड की तुलना में यहां एक चौथाई समय लगेगा। 30 मिनट के भीतर ही 8 कोच की पूरी तरह सफाई हो जाएगी। 18 माह के भीतर इस कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कॉम्प्लेक्स बनने के बाद 10 और वंदे भारत मिलेंगी अभी पटना, राजेंद्रनगर, पाटलिपुत्र और दानापुर से 10 वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन हो रहा है। इनमें 22348 पटना-हावड़ा, 22349 पटना-रांची, 22345 पटना-गोमती नगर (लखनऊ), 20894 पटना-टाटानगर, 21896 पटना-टाटानगर, 21894 पटना-टाटानगर, 22234 पटना-न्यू जलपाईगुड़ी, 26302 दानापुर-जोगबनी, 26501 पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। हाइटेक कोचिंग कॉम्प्लेक्स बनने के बाद 2028 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी। राज्य को 10 और ट्रेनें मिलेंगी। इससे पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। खास बातें अभी राजेंद्रनगर में हो रहा मेंटेनेंस पटना से खुलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का मेंटेनेंस अभी राजेंद्रनगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स में हो रहा है। 20 करोड़ की लागत से इसे अपग्रेड किया गया है। वंदे भारत की रैक के अनुकूल दो प्लेटफॉर्म को ऊंचा किया गया है। ओएचई वायर को भी बदला गया है। लागत : 283.16 करोड़ रुपए। समय सीमा : 18 माह में निर्माण पूरा होगा। फायदा : 10 और नई वंदे भारत ट्रेनें मिलेंगी। क्षमता : समय और पानी दोनों की बचत।  

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