UPSC की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) का आयोजन आज रविवार को पूरे देश में शांतिपूर्ण माहौल में कराया गया। बिहार की राजधानी पटना में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर “मॉडरेट टू हार्ड” रहा। कई सवाल काफी लेंदी थे और प्रश्नों को घुमा-फिराकर पूछा गया था, जिससे समय प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण रहा। UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक दूसरी पाली (CSAT) : दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया गया। देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र में एंट्री नहीं मिली। राजधानी पटना में UPSC प्रिलिम्स परीक्षा के लिए कुल 79 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 39,147 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा को लेकर सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। 30 जोन में बांटा गया शहर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पटना को 30 जोन में बांटा था। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थानीय निरीक्षण पदाधिकारी और सहायक पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इसके अलावा 30 जोनल दंडाधिकारी, 16 सुरक्षित दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष नजर परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए राजधानी की यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा गया। शहर के प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी गई ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार मॉनिटरिंग करती रही।
इलेक्टॉनिक उपकरण पर पाबंदी UPSC परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए आयोग और प्रशासन दोनों पूरी तरह सतर्क दिखे। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। केंद्रों के बाहर लगातार उद्घोषणा कर अभ्यर्थियों को नियमों की जानकारी दी जाती रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य की परीक्षाओं से भी वंचित किया जा सकता है। UPSC की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) का आयोजन आज रविवार को पूरे देश में शांतिपूर्ण माहौल में कराया गया। बिहार की राजधानी पटना में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर “मॉडरेट टू हार्ड” रहा। कई सवाल काफी लेंदी थे और प्रश्नों को घुमा-फिराकर पूछा गया था, जिससे समय प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण रहा। UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक दूसरी पाली (CSAT) : दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया गया। देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र में एंट्री नहीं मिली। राजधानी पटना में UPSC प्रिलिम्स परीक्षा के लिए कुल 79 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 39,147 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा को लेकर सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। 30 जोन में बांटा गया शहर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पटना को 30 जोन में बांटा था। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थानीय निरीक्षण पदाधिकारी और सहायक पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इसके अलावा 30 जोनल दंडाधिकारी, 16 सुरक्षित दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष नजर परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए राजधानी की यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा गया। शहर के प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी गई ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार मॉनिटरिंग करती रही।
इलेक्टॉनिक उपकरण पर पाबंदी UPSC परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए आयोग और प्रशासन दोनों पूरी तरह सतर्क दिखे। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। केंद्रों के बाहर लगातार उद्घोषणा कर अभ्यर्थियों को नियमों की जानकारी दी जाती रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य की परीक्षाओं से भी वंचित किया जा सकता है।


