Sara Sharma DU Student: दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित दौलत राम कॉलेज की छात्रा सारा शर्मा ने हाल ही में एक गंभीर आरोप लगाया है। सारा का दावा है कि एक प्रतिष्ठित यूथ इवेंट के दौरान उन्हें सिर्फ इसलिए मंच पर जाने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने ‘स्लीवलेस’ सूट पहना हुआ था। सारा ने अपनी इस आपबीती को एक वीडियो के जरिए इंस्टाग्राम पर साझा किया है, जिसमें उन्होंने घटना के समय हुई परेशानी और भेदभाव के बारे में बताया।
छात्रा के अनुसार, यह कार्यक्रम 12 अप्रैल को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स SRCC के परिसर में आयोजित किया गया था। सारा ने बताया है कि इवेंट का शीर्षक ‘नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज’ था। इसका आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत हुआ था। लेकिन वहां उनके कपड़ों के आधार पर उन्हें मंच साझा करने की अनुमति नहीं दी गई।
स्टेज पर सम्मानित करने के लिए चुना गया था
वीडियो में छात्रा ने दावा किया है कि उन्हें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को स्टेज पर सम्मानित करने के लिए चुना गया था। मगर आखिरी वक्त में उन्हें कथित तौर पर पहनावे के कारण एक अधिकारी ने स्टेज पर जाने से रोक दिया गया। इस दौरान उन्हें काफी अजीब लगा।
मुख्य अतिथि के रूप में मनसुख मांडविया आए थे
वे वीडियो में कहती हैं ‘यह पूरी तरह से महिलाओं का एक सम्मेलन था, जिसका मतलब है कि यहां सभी पोर्टफोलियो महिलाओं को दिए गए थे। यहां मुख्य अतिथि के रूप में खुद मनसुख मांडविया जी आए थे, और मुझे सम्मान के लिए बुलाया गया था। जब मैं वहां पहुंची, तो मंत्रालय के अधिकारियों ने मुझे देखा और कहा कि आपने स्लीवलेस पहना है, इसलिए आप उनका सम्मान करने के लिए स्टेज पर नहीं कर जा सकती हैं। इसके बाद मेरी जगह किसी और को स्टेज पर भेज दिया गया।’
सारा के मुताबिक, इवेंट के लिए ड्रेस कोड के बारे में पहले ही बता दिया गया था। छात्राओं को ट्रेडिशनल ड्रेस पहने के लिए कहा गया था। कोई साड़ी पहनकर आया था तो कोई सूट सलवार। लेकिन यह कभी नहीं कहा गया था कि स्लीवलेस सूट पहनकर नहीं आ सकते।
इवेंट के बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने क्या कहा?
सारा के मुताबिक, इवेंट खत्म हुआ तो लड़कियां बाहर फोटोज क्लिक करवा रही थीं तभी मंत्रालय के कुछ लड़के आए और कहा कि हमारा देश इसलिए आगे नहीं बढ़ रहा है क्योंकि इस देश की औरतें एक-एक घंटे तक फोटोज क्लिक करवा रही हैं। तो मैंने उनसे कहा कि हमारे फोटोज क्लिक करवाने से देश की प्रगति कैसे रुक रही है। ऐसी बातें करने वाले लोगों को मंत्रालय में नहीं होना चाहिए। ये लोग ऐसी बातें कर रहे हैं और फिर दूसरी तरफ नारी शक्ति की बात करते हैं।


