कटिहार में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की बैठक गुरुवार को हंगामेदार रही। राजेंद्र आश्रम में आयोजित इस बैठक में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की मौजूदगी में ही नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे पार्टी को मजबूत करने का उद्देश्य प्रभावित हुआ। हंगामे की शुरुआत कदवा के पूर्व विधायक शकील अहमद खान के संबोधन के दौरान हुई। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कटिहार सांसद तारिक अनवर और मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद को लेकर कुछ टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों से कई कांग्रेस नेता नाराज हो गए और बैठक में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। बहस तेज होने से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया
विरोध इतना बढ़ गया कि कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मंच के सामने खड़े होकर आपत्ति जताने लगे। बहस तेज होने से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी स्पष्ट रूप से सामने आ गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। हालांकि, इसमें सामने आई अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी ने ‘संगठन सृजन’ के बजाय पार्टी की आंतरिक कलह को ही उजागर कर दिया। टिकट बंटवारे की नाराजगी बनी हंगामे का मुख्य कारण
इस घटना के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की है कि यदि बड़े नेता एक मंच पर एकजुट नहीं दिखेंगे, तो बूथ स्तर पर संगठन कैसे मजबूत होगा। बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पुरानी शिकायतें और टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी इस हंगामे का मुख्य कारण बनी। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सभी नेताओं से अनुशासन बनाए रखने और एकजुट होकर काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतभेदों को पार्टी फोरम पर रखा जाए, न कि सार्वजनिक मंच पर। कटिहार में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की बैठक गुरुवार को हंगामेदार रही। राजेंद्र आश्रम में आयोजित इस बैठक में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की मौजूदगी में ही नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे पार्टी को मजबूत करने का उद्देश्य प्रभावित हुआ। हंगामे की शुरुआत कदवा के पूर्व विधायक शकील अहमद खान के संबोधन के दौरान हुई। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कटिहार सांसद तारिक अनवर और मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद को लेकर कुछ टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों से कई कांग्रेस नेता नाराज हो गए और बैठक में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। बहस तेज होने से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया
विरोध इतना बढ़ गया कि कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मंच के सामने खड़े होकर आपत्ति जताने लगे। बहस तेज होने से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी स्पष्ट रूप से सामने आ गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना था। हालांकि, इसमें सामने आई अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी ने ‘संगठन सृजन’ के बजाय पार्टी की आंतरिक कलह को ही उजागर कर दिया। टिकट बंटवारे की नाराजगी बनी हंगामे का मुख्य कारण
इस घटना के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की है कि यदि बड़े नेता एक मंच पर एकजुट नहीं दिखेंगे, तो बूथ स्तर पर संगठन कैसे मजबूत होगा। बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पुरानी शिकायतें और टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी इस हंगामे का मुख्य कारण बनी। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सभी नेताओं से अनुशासन बनाए रखने और एकजुट होकर काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतभेदों को पार्टी फोरम पर रखा जाए, न कि सार्वजनिक मंच पर।


