बेगूसराय कोर्ट में आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की पेशी:’हम कब्र नहीं बनाते, उन्हें चाहिए तीन हाथ जमीन’ बयान मामला; आरोप पत्र की मूल कॉपी गायब

बेगूसराय कोर्ट में आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की पेशी:’हम कब्र नहीं बनाते, उन्हें चाहिए तीन हाथ जमीन’ बयान मामला; आरोप पत्र की मूल कॉपी गायब

बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की आज कोर्ट में पेशी है। दरअसल, इन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तीन हाथ जमीन वाला एक बयान दिया था। इसको लेकर आज वो कोर्ट में पेश होंगे। नगर थाना में दर्ज मामले में गिरिराज सिंह को 15 मई 2026 को एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होना था। लेकिन उनके वकील अमरेंद्र कुमार अमर ने कोर्ट को बताया कि पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र मूल प्रति में नहीं है। इसके बाद आज गिरिराज सिंह की कोर्ट में पेशी है। अमित शाह के सामने दिया था बयान दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गिरिराज सिंह ने नामांकन किया था। इसके बाद इन्होंने शहर के जीडी कॉलेज में अमित शाह के सामने मंच से राजद उम्मीदवार तनवीर हसन और सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार के खिलाफ टिप्पणी की थी। बयान में गिरिराज सिंह ने कहा था कि “वे वंदे मातरम नहीं कह सकते, भारत की भूमि को नमन नहीं कर सकते। हमारे बाप-दादा तो सिमरिया में गंगा किनारे मरे, दाह-संस्कार किया। लेकिन, उस जमीन पर कब्र नहीं बनाया। जबकि, ऊपर कुर्ता नीचे पजामा पहनने वाले को तो इसके लिए भी तीन हाथ जमीन की जरूरत होती है।” 15 मई को टल गई थी पेशी इसी बयान को लेकर तत्कालीन डीएम राहुल कुमार के निर्देश पर नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था। 15 मई को पेशी टल गई थी। वकील अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि पहले भी एसपी और डीआईजी के माध्यम से नगर थाना को कारण पूछा गया। लेकिन पुलिस ने मूल डायरी नहीं दिया। नगर थाना पुलिस ने इस महत्वपूर्ण मामले में लापरवाही का परिचय दिया है, पुलिस से लापरवाही हुई है। मूल कॉपी के बदले फोटो स्टेट में चार्जशीट दाखिल किया गया है, जबकि जब्ती सूची भी गायब है। नियम के अनुसार जांच के बाद आरोप पत्र मूल कॉपी में दाखिल करना होता है। लेकिन, 20 पेज के आरोप पत्र में मात्र तीन पेज ओरिजिनल कॉपी है, जबकि 17 पन्नों की फोटो कॉपी के साथ दाखिल किया गया था। बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की आज कोर्ट में पेशी है। दरअसल, इन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तीन हाथ जमीन वाला एक बयान दिया था। इसको लेकर आज वो कोर्ट में पेश होंगे। नगर थाना में दर्ज मामले में गिरिराज सिंह को 15 मई 2026 को एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होना था। लेकिन उनके वकील अमरेंद्र कुमार अमर ने कोर्ट को बताया कि पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र मूल प्रति में नहीं है। इसके बाद आज गिरिराज सिंह की कोर्ट में पेशी है। अमित शाह के सामने दिया था बयान दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान गिरिराज सिंह ने नामांकन किया था। इसके बाद इन्होंने शहर के जीडी कॉलेज में अमित शाह के सामने मंच से राजद उम्मीदवार तनवीर हसन और सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार के खिलाफ टिप्पणी की थी। बयान में गिरिराज सिंह ने कहा था कि “वे वंदे मातरम नहीं कह सकते, भारत की भूमि को नमन नहीं कर सकते। हमारे बाप-दादा तो सिमरिया में गंगा किनारे मरे, दाह-संस्कार किया। लेकिन, उस जमीन पर कब्र नहीं बनाया। जबकि, ऊपर कुर्ता नीचे पजामा पहनने वाले को तो इसके लिए भी तीन हाथ जमीन की जरूरत होती है।” 15 मई को टल गई थी पेशी इसी बयान को लेकर तत्कालीन डीएम राहुल कुमार के निर्देश पर नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था। 15 मई को पेशी टल गई थी। वकील अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि पहले भी एसपी और डीआईजी के माध्यम से नगर थाना को कारण पूछा गया। लेकिन पुलिस ने मूल डायरी नहीं दिया। नगर थाना पुलिस ने इस महत्वपूर्ण मामले में लापरवाही का परिचय दिया है, पुलिस से लापरवाही हुई है। मूल कॉपी के बदले फोटो स्टेट में चार्जशीट दाखिल किया गया है, जबकि जब्ती सूची भी गायब है। नियम के अनुसार जांच के बाद आरोप पत्र मूल कॉपी में दाखिल करना होता है। लेकिन, 20 पेज के आरोप पत्र में मात्र तीन पेज ओरिजिनल कॉपी है, जबकि 17 पन्नों की फोटो कॉपी के साथ दाखिल किया गया था।  

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