US-IranTension: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की दोहरी नाकेबंदी और ठप पड़ी अमेरिका-ईरान की वार्ता के बीच दोनों देशों के नेताओं में बयानबाजी और धमकी देने का दौर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने गुरुवार को बड़ी धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने पुराने अंदाज में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पोस्ट के जरिए धमकी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक AI जेनेरेटेड फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि तूफान आ रहा है, कोई रोक नहीं सकेगा।
ट्रंप ने किसे दी धमकी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर AI जेनेरेटेड फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि तूफान आ रहा है, कोई रोक नहीं सकेगा। ट्रंप की धमकी को ईरान से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी नौसेना के प्रमुख शहराम ईरानी ने धमकी देते हुए कहा कि ईरान बहुत जल्द ऐसा हथियार इस्तेमाल करेगा, जिससे दुश्मन बुरी तरह घबरा जाएगा।
ईरानी सेना ने कहा- यह हथियार दुश्मन के बेहद करीब मौजूद है, उम्मीद है कि उन्हें दिल का दौरा न पड़ जाए। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि फारस की खाड़ी विदेशी मर्जी थोपने का अखाड़ा नहीं है। ईरान, फारस की खाड़ी और हॉर्मुज का असली रक्षक है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खोमेनेई का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा।
ट्रंप-पुतिन के बीच 90 मिनट तक फोन पर हुई बात
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और धमकी भरे बयानों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को फोन पर करीब 90 मिनट तक बात की है। इस मैराथन बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान युद्ध, यूक्रेन संघर्ष और होटल हिल्टन में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना जैसे कई मुद्दों पर बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इस बातचीत को दोस्ताना और प्रोफेशनल बताया है।
बातचीत के दौरान पुतिन ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी ओर से कुछ प्रस्ताव रखे। बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि रूस कुछ समय पहले तक समझौते के लिए तैयार था, लेकिन कुछ लोगों ने उसके लिए यह मुश्किल बना दिया। रूस-यूक्रेन विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा संघर्ष को सुलझाने को लेकर उम्मीद जताई और संकेत दिया कि जल्द समझौता हो सकता है। हालांकि, पुतिन ने यूक्रेन पर आतंकवादी तरीकों का सहारा लेने का आरोप लगाया।


