ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने कहा कि युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान के स्तर की तुलना में ईरान की वायु रक्षा क्षमताओं में काफी सुधार हुआ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ तनाव बढ़ रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर नए हमले करने की धमकी दी है। ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, अकरमी-निया ने कहा ट्रंप के बार-बार लगाए गए आरोपों के बावजूद, ईरान की मौजूदा वायु रक्षा क्षमताएं युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान के स्तर से कहीं बेहतर हैं। इस बीच, गुरुवार (स्थानीय समय) को ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने अमेरिकी जमीनी सैनिकों को तैनात करने में भी कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई, हालांकि अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए अन्य हमले के विकल्प तैयार कर रही है। न्यूज़मैक्स के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जिस ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (सभी बमों की जननी) पर विचार किया जा रहा है, वह एक पारंपरिक हथियार है। उन्होंने कहा कि तेहरान के खिलाफ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए वाशिंगटन को परमाणु हथियारों की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने कहा देखिए, मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स परमाणु हथियार नहीं है। यह बिल्कुल भी परमाणु हथियार नहीं है। यह बस एक बहुत बड़ा बम है। यह एक छोटे परमाणु बम की तरह है, लेकिन मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स एक बहुत बड़ा बम है। पर यह परमाणु नहीं है। नहीं, मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा। हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान में अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने पर विचार करेंगे, तो ट्रम्प ने जवाब दिया मुझे ऐसा नहीं लगता। बिल्कुल नहीं। CNN के अनुसार, ट्रम्प ने अमेरिकी सेना को हमले के कुछ और विकल्प तैयार करने का निर्देश दिया है। इनमें GBU-43/B ‘मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट’ (MOAB) का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है, जिसे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें ‘पिकएक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) पर मौजूद वह संदिग्ध भूमिगत परमाणु स्थल भी शामिल है। हालांकि, सैन्य योजना से जुड़े अधिकारियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या MOAB बहुत गहराई में स्थित ठिकानों के खिलाफ प्रभावी होगा। लगभग 21,600 पाउंड वजनी यह हथियार अमेरिकी जखीरे का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है, लेकिन इसे बहुत गहराई में जाकर हमला करने के लिए नहीं बनाया गया है। ट्रम्प ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका द्वारा पहले किए गए हमलों से ईरान की परमाणु सुविधाओं को नुकसान पहुंचा था।
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इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 16 व्यक्तियों और 10 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन पर ईरान के वित्तीय नेटवर्क, ‘शैडो बैंकिंग’ (अघोषित बैंकिंग) गतिविधियों और उसके सैन्य तथा क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के लिए फंडिंग के रास्ते उपलब्ध कराने का आरोप है। ये कदम उन वित्तीय संस्थानों, तेल मध्यस्थों और विदेशी मुद्रा नेटवर्कों को निशाना बनाते हैं, जिन पर प्रतिबंधों से बचने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसे भेजने में शामिल होने का आरोप है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब वाशिंगटन, ईरान के साथ चल रहे टकराव के बीच तेहरान पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ा रहा है।

