Maharashtra Drought: पशु बाड़ों तक सीधे चारा पहुंचाए सरकार, शिवसेना विधायक Abdul Sattar की मांग

Maharashtra Drought: पशु बाड़ों तक सीधे चारा पहुंचाए सरकार, शिवसेना विधायक Abdul Sattar की मांग

महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में सूखे के हालात के बीच, राज्य के पूर्व कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने सरकार से किसानों के पशु बाड़ों तक सीधे चारा पहुंचाने की मांग की है। सत्तार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में सुझाव दिया कि सूखाग्रस्त गांवों में चारा शिविर आयोजित करने के बजाय चारा डिपो स्थापित किए जाएं। सत्तार सत्तारूढ़ शिवसेना के विधायक हैं।

उन्होंने 32 जिलों की 358 में से 305 तहसीलों में सूखा घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा, “फसलें बर्बाद हो गई हैं और पानी की कमी भी है। इसलिए किसानों के सामने अपने मवेशियों को जीवित रखने की चुनौती है। किसानों को मवेशियों के परिवहन और चारे के प्रबंधन में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।”
एकनाथ शिंदे सरकार में 2022 से 2023 तक कृषि मंत्री रहे सत्तार ने जोर देते हुए कहा कि इस स्थिति में सरकार को चारा शिविर स्थापित करने के बजाय सीधे किसानों के पशु बाड़ों तक चारा पहुंचाना चाहिए।

मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड से विधायक सत्तार ने कहा कि मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त तहसीलों में से 60 प्रतिशत से अधिक विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की थी कि दिवाली (आठ नवंबर) से पहले किसानों के बैंक खातों में राहत राशि के रूप में शुरुआती 5,000 रुपये सीधे जमा किए जाएंगे।

अर्ध-शुष्क क्षेत्र मराठवाड़ा में ज्वार के सूखे डंठलों के गट्ठर चारे का मुख्य स्रोत हैं। मराठवाड़ा में आठ जिले शामिल हैं। इसके कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून इतना कमजोर रहा कि ज्वार और बाजरा सहित फसलें पर्याप्त रूप से नहीं उग सकीं।

इसके कारण चारे के रूप में इस्तेमाल के लिए पर्याप्त डंठल या फसल अवशेष उपलब्ध नहीं हो पाए।

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