कटिहार में पूर्व मंत्री मंसूर आलम को श्रद्धांजलि:नेताओं ने योगदान और सादगी को याद किया

कटिहार में पूर्व मंत्री मंसूर आलम को श्रद्धांजलि:नेताओं ने योगदान और सादगी को याद किया

कटिहार नगर भवन में पूर्व मंत्री मंसूर आलम की स्मृति में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीमांचल सद्भावना मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यमंत्री डॉ. राम प्रकाश महतो ने की। इस अवसर पर देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने दिवंगत मंसूर आलम के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद तारिक अनवर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अख्तरूल ईमान, किशनगंज सांसद मोहम्मद जावेद, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम, विधायक मनोहर प्रसाद, पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम और पूर्व विधायक महबूब आलम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई दिवंगत नेता के बेटे और पूर्व कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति की। उन्होंने बरारी क्षेत्र के विकास के साथ-साथ बिहार के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। तौकीर आलम ने यह भी कहा कि मंसूर आलम ने अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु अनेक योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में देश की राजनीति कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सीमांचल की सामाजिक एकता को पूरे देश के लिए एक उदाहरण बताया। खुर्शीद ने कहा कि मंसूर आलम राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते थे और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता बताया सांसद तारिक अनवर ने मंसूर आलम की सेवाओं और सामाजिक योगदान को अविस्मरणीय बताया। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने उन्हें बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता बताते हुए कहा कि उनकी निस्वार्थ राजनीति और सामाजिक सौहार्द की भावना आज भी प्रेरणास्रोत है। पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम ने कहा कि मंसूर आलम का सभी वर्गों के लोगों से गहरा आत्मीय संबंध था। उन्होंने बताया कि गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सेवा उनके जीवन की प्राथमिकता रही। कटिहार नगर भवन में पूर्व मंत्री मंसूर आलम की स्मृति में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीमांचल सद्भावना मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यमंत्री डॉ. राम प्रकाश महतो ने की। इस अवसर पर देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने दिवंगत मंसूर आलम के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद तारिक अनवर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अख्तरूल ईमान, किशनगंज सांसद मोहम्मद जावेद, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम, विधायक मनोहर प्रसाद, पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम, जोकीहाट विधायक मुर्शीद आलम और पूर्व विधायक महबूब आलम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई दिवंगत नेता के बेटे और पूर्व कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर राजनीति की। उन्होंने बरारी क्षेत्र के विकास के साथ-साथ बिहार के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। तौकीर आलम ने यह भी कहा कि मंसूर आलम ने अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु अनेक योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में देश की राजनीति कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सीमांचल की सामाजिक एकता को पूरे देश के लिए एक उदाहरण बताया। खुर्शीद ने कहा कि मंसूर आलम राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते थे और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता बताया सांसद तारिक अनवर ने मंसूर आलम की सेवाओं और सामाजिक योगदान को अविस्मरणीय बताया। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने उन्हें बिहार की राजनीति का कद्दावर नेता बताते हुए कहा कि उनकी निस्वार्थ राजनीति और सामाजिक सौहार्द की भावना आज भी प्रेरणास्रोत है। पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम ने कहा कि मंसूर आलम का सभी वर्गों के लोगों से गहरा आत्मीय संबंध था। उन्होंने बताया कि गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों की सेवा उनके जीवन की प्राथमिकता रही।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *