फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि दी:कानपुर GSVM में मना अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस, डॉ. रेनू गुप्ता बोलीं- समर्पण की मिसाल हैं हमारी नर्सें

फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि दी:कानपुर GSVM में मना अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस, डॉ. रेनू गुप्ता बोलीं- समर्पण की मिसाल हैं हमारी नर्सें

कानपुर के जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। अस्पताल के माहौल में आज एक अलग ही रौनक दिखी, जब डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने एक साथ मिलकर इस खास दिन को यादगार बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल को नमन और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। चिकित्सा जगत में नर्सों के योगदान और उनके निस्वार्थ सेवा भाव को समर्पित यह दिन अस्पताल के स्टाफ के लिए सम्मान और गर्व का पल रहा। मरीजों की सेवा में नर्सों का समर्पण सबसे ऊपर इस मौके पर विभाग की अध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने सभी नर्सिंग अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जब कोई मरीज आता है, तो डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ नर्सों की देखभाल और उनका व्यवहार ही उसे जल्द ठीक होने का हौसला देता है। डॉ. गुप्ता ने नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण और सेवा भावना ही किसी भी अस्पताल की असली ताकत होती है। बिना उनके सहयोग के चिकित्सा सेवा अधूरी है। विभाग की फैकल्टी और नर्सिंग अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम में कॉलेज की सीएमएस डॉ. अनिता भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ का उत्साहवर्धन किया और मरीजों के प्रति उनके कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ की। इस दौरान विभाग के फैकल्टी सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए और बताया कि कैसे मुश्किल समय में भी नर्सिंग स्टाफ चेहरे पर मुस्कान लिए मरीजों की सेवा में डटा रहता है। इन्होंने निभाई कार्यक्रम में मुख्य भूमिका अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के इस आयोजन को सफल बनाने में विभाग की वरिष्ठ नर्सों और अधिकारियों का बड़ा योगदान रहा। कार्यक्रम में सिस्टर प्रीथा, पूनम, मैट्रन मीरा, वंदिता, सीता, सबरा, करुणा, शोभा और सोनम समेत विभाग की कई नर्सिंग अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के बताए पदचिह्नों पर चलने और मानवता की सेवा का संकल्प दोहराया। जानिए…क्यों मनाया जाता है यह दिन?
हर साल 12 मई को दुनिया भर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन को ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की निस्वार्थ सेवा की थी और नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशा बनाने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। GSVM में हुए इस आयोजन ने एक बार फिर याद दिलाया कि सफेद कोट में ये ‘सिस्टर्स’ मरीजों के लिए किसी देवदूत से कम नहीं हैं।

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