मधुबनी डीएम ने रात्रि में सदर अस्पताल का निरीक्षण किया:इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया, एक माह में व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिए

मधुबनी डीएम ने रात्रि में सदर अस्पताल का निरीक्षण किया:इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया, एक माह में व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिए

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने रविवार रात 8:30 बजे सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, संसाधनों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक राजीव कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को अगले एक माह के भीतर इस स्तर तक सुदृढ़ किया जाए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से रेफर करने की आवश्यकता न पड़े। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि इमरजेंसी वार्ड में वरीय एवं अनुभवी चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। व्यवस्था केवल जूनियर डॉक्टरों के भरोसे नहीं छोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को भी कहा। शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए। इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी चंदन झा और विशेष कार्य पदाधिकारी नितेश कुमार पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में त्वरित सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यह आमजन को बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने रविवार रात 8:30 बजे सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, संसाधनों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अस्पताल उपाधीक्षक राजीव कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को अगले एक माह के भीतर इस स्तर तक सुदृढ़ किया जाए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से रेफर करने की आवश्यकता न पड़े। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि इमरजेंसी वार्ड में वरीय एवं अनुभवी चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। व्यवस्था केवल जूनियर डॉक्टरों के भरोसे नहीं छोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को भी कहा। शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए। इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी चंदन झा और विशेष कार्य पदाधिकारी नितेश कुमार पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में त्वरित सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यह आमजन को बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

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