3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा से पहले पंजाब और जम्मू-कश्मीर को रेलमार्ग से जोड़ने वाले रावी पुल पर रेल यातायात शुरू होने की उम्मीद जगी है। अगस्त, 2025 में बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने के बाद से बंद पड़े इस पुल को जल्द शुरू करने को लेकर जम्मू रेल डिवीजन के अधिकारी मरम्मत कार्य पर लगातार नजर बनाए हैं। जम्मू मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) खुद इस पुल पर चल रहे कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। डीआरएम ने अधिकारियों को निर्धारित समय में रिपेयर पूरी करने के निर्देश दिए। मई महीने में ही काम पूरा करने का प्रयास
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो रेलवे प्रशासन अगले महीने तक इस पुल का काम पूरा कर रेल यातायात को इस पर बहाल करने की तैयारी में जुट गया है। ताकि, देश के विभिन्न राज्यों से श्री अमरनाथ यात्रा के लिए आने वाले शिवभक्तों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों के मुताबिक श्री अमरनाथ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को इसकी सुविधा मिल जाएगी। ट्रेनों के संचालन के लिए मई महीने में ही काम को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक ट्रैक से चल रहा रेल यातायात
बता दें, रावी पर बने पुल नंबर 17 का एक पिल्लर रावी दरिया में पिछले साल अगस्त में आई बाढ़ में खिसक गया था। इसके बाद से ही रेल यातायात एक ट्रैक से चल रहा है। इसके रिपेयर वर्क के कारण अभी तक कई ट्रेनें जम्मू तक नहीं चलाई जा रही हैं। इस कारण वंदे भारत समेत कई ट्रेनें बंद हैं। कुछ ट्रेनों को अंबाला, जालंधर सिटी या फिरोजपुर तक ही चलाया जा रहा है। दिल्ली-कटरा वंदे भारत सहित कई ट्रेनें प्रभावित
दिल्ली से जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, जम्मू-तवी गरीब रथ, ऋषिकेश एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं चल रही हैं। जम्मू मेल भी अंबाला कैंट तक चलाई जा रही है। बेगमपुरा एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनें जम्मू की ओर चलाई जा रही हैं। अब 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर मरम्मत कार्य तेजी और स्टीकता से करने को लेकर अधिकारी लगातार यहां पहुंच रहे हैं। 10 दिन में दूसरी बार निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम
बता दें, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले इस रेल मार्ग के रणनीतिक महत्व को देखते हुए अधिकारी यहां पहुंच रहे हैं। जम्मू डिवीजन के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) विवेक कुमार 17 अप्रैल को यहां पहुंचे और रिपेयर वर्क का जायजा लिया। अब 10 दिनों में दूसरी बार आज एक बार फिर डीआरएम विवेक कुमार, कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) उत्तर रेलवे दिनेश चंद देशवाल, उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आलोक मिश्रा सहित भारतीय रेलवे की एक उच्च स्तरीय टीम के साथ यहां पहुंचे। उच्च स्तरीय टीम ने किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उच्च स्तरीय टीम ने पुल की नींव, स्तंभों और लोड-बेयरिंग क्षमता का गहन विश्लेषण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने पुल संख्या-17 की नींव और स्तंभों की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया। पुल की लोड-बेयरिंग क्षमता और दीर्घकालीन स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया। रेल पटरी की संरचना और स्लीपरों की स्थिति का परीक्षण किया गया। आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की जांच की गई। सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन बचाव तंत्र की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि शेष तकनीकी कार्यों को शीघ्रता से और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।


