कलेक्टर को बताया- दुकानों पर कब्जे से गोशाला को नुकसान:सतना में किराएदारों को नोटिस देगी प्रबंधन समिति; गो सेवा करने आय बढ़ाने पर जोर

कलेक्टर को बताया- दुकानों पर कब्जे से गोशाला को नुकसान:सतना में किराएदारों को नोटिस देगी प्रबंधन समिति; गो सेवा करने आय बढ़ाने पर जोर

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बुधवार को गल्ला तिलहन व्यापारी संघ द्वारा संचालित सदावर्त कमेटी गोशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोशाला में पशु आहार, भूसा, चुनी और चोकर के भंडारण की व्यवस्था का जायजा लिया। पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने गोशाला में रह रही गायों और बछड़ों के खान-पान, देखभाल और अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। यह गोशाला लगभग 125 वर्ष पुरानी है और लंबे समय से बेसहारा तथा निराश्रित गायों की सेवा कर रही है। निरीक्षण के दौरान, गल्ला तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र द्विवेदी ने कलेक्टर को गोशाला की आर्थिक स्थिति और संचालन संबंधी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गोशाला के पास आधा दर्जन से अधिक दुकानें हैं, जो कभी आय का प्रमुख स्रोत थीं, लेकिन वर्तमान में इनसे नाममात्र की आय हो रही है। पुष्पेंद्र द्विवेदी ने जानकारी दी कि लगभग 70 वर्ष पहले जिन लोगों को ये दुकानें किराए पर दी गई थीं, उन्होंने उन्हें अधिक राशि लेकर दूसरों को सौंप दिया है। वर्तमान में गोशाला को प्रत्येक दुकान से केवल 250 रुपये प्रतिमाह किराया मिल रहा है, जबकि बाजार दर के अनुसार यह किराया 10 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जब दुकानें खाली कराने का प्रयास किया जाता है, तो संबंधित लोग विरोध और विवाद पर उतर आते हैं। इस अवैध कब्जे के कारण गोशाला को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। गोशाला प्रबंधन के अनुसार, आय के सीमित साधनों के कारण संस्था का संचालन मुख्य रूप से जनसहयोग के माध्यम से किया जा रहा है। यहां सैकड़ों गायों का संरक्षण किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में बेसहारा पशु शामिल हैं। कलेक्टर ने गोशाला प्रबंधन समिति को संबंधित किरायेदारों के खिलाफ नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दुकानों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है, ताकि गोशाला की आय बढ़ सके और उसके संचालन को आर्थिक मजबूती मिल सके। कलेक्टर के इस दौरे के बाद अब अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने की उम्मीद है, जिससे गोशाला को वित्तीय स्थिरता मिल सकेगी।

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