सिरसा जिले के अरनियांवाली गांव में लोन की किस्त न चुकाने पर मकान को सील किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले में आज (शनिवार को) हरियाणा और राजस्थान के किसान-मजदूरों ने आज गांव महापंचायत बुलाई है, जिसमें कड़ा फैसला लेने की संभावना है। ग्रामीण, किसान व अन्य संगठन पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आए हैं और आर-पार की लड़ाई की तैयारी में जुटे हैं। इस मामले में पुलिस एवं प्रशासन एक तरफ है और इसे कार्रवाई को कोर्ट का आदेश बताया है। दूसरी ओर ग्रामीण व किसानों ने इसे गरीब परिवार के साथ अन्याय बताया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि ये मकान पीड़ित परिवार का है और इसे सरकार या कंपनी के कब्जे में नहीं जाने देंगे। यह महापंचायत शनिवार सुबह 11 बजे होनी है, उसके बाद पता चल पाएगा कि आगे का क्या फैसला लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, यह अरनियांवाली गांव नाथूसरी कलां के अंतर्गत आता है। अरनियांवाली निवासी मुकेश व उनके पति सुभाष का मकान है। सुभाष ने साल 2024 में लगभग 11.50 लाख रुपए का होम लोन लिया था, जिसकी किस्तें न भरने के कारण कंपनी की ओर से मामला कोर्ट में चला गया। अब कोर्ट के आदेशों में 7 फरवरी को प्रशासन ने मकान को सील कर दिया। जिसके विरोध ग्रामीण व किसानों में शुरू हो गया है। इस खबर को पीड़ित परिवार से बातचीत कर अपडेट किया जाएगा। अरनियांवाली में महापंचायत से जुड़े फोटोज: दरअसल, शुक्रवार को काफी संख्या में किसान-मजदूर मकान पर लगा ताला खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। सूचना पर नाथुसरी थाना पुलिस भी आ पहुंची। पुलिस ने उन्हें ताला खोलने से रोक दिया, जिस पर किसानों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। घटना के बाद ग्रामीण, किसान और मजदूरों ने एकजुट होकर महापंचायत करने का निर्णय लिया है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दो बार नोटिस दिए, किस्तें नहीं भरी पुलिस प्रशासन के अनुसार, मकान मालिक ने होम लोन लेने के बाद एक भी किस्त नहीं भरी। मकान मालिक को दो बार नोटिस दिए गए, पर कोई न जवाब दिया तो न किस्तें भरना शुरू की। ये मामला कोर्ट में था। अब कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने मकान को सील कर दिया है। अगर कोई सील खोलने की कोशिश करेगा तो उस पर कानून अपनी कार्रवाई करेगा। प्रशासन के आदेशाअनुसार, आगामी कदम उठाया जाएगा।


