सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र में आज अक्षय तृतीया:सोना खरीदना होगा शुभ, जानें राशि के अनुसार क्या खरीदना लाभकारी होगा

सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र में आज अक्षय तृतीया:सोना खरीदना होगा शुभ, जानें राशि के अनुसार क्या खरीदना लाभकारी होगा

अक्षय तृतीया आज कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र के युग्म संयोग के साथ सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग में मनाई जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में अक्षय तृतीया को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध मुहूर्त्त बताया गया है। सनातन धर्मावलंबियों आज गंगा स्नान-दान, व्रत, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, शुभ कार्य आदि करेंगे। दान-पुण्य का महापर्व है अक्षय तृतीया ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि, ‘आज सोमवार को अक्षय तृतीया के दिन श्रद्धालु श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी और गौरी की पूजा करेंगे। इस पूजन से घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि होती है। दान-पुण्य का महापर्व है अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सत्तू, जल, गुड़, छाता, चरण पादुका, अन्न, ऋतुफल, चना, दूध, दही , भोजन सामग्री, वस्त्र आदि का दान करें। बेजुबानों को खाने-पीने की वस्तु देने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। इस तिथि को दान-पुण्य का महापर्व कहा गया है। धातु की खरीदी से बढ़ेगी समृद्धि पंडित राकेश झा ने कहा कि, ‘ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग, शुभ योगों के महासंयोग, सर्वसिद्ध मुहूर्त और अबूझ मुहूर्त में स्वर्ण, चांदी, कांसा जैसे पवित्र धातु, मोती, रत्न, स्थिर संपत्ति आदि खरीदने से घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि होती है। इन धातुओं में अक्षय लाभ और लक्ष्मी माता का वास होता है।’ अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ स्वर्ण की तुलना सूर्य से की जाती है। अक्षय तृतीया पर सूर्य देवता सबसे तेज चमकते हैं। इसीलिए सोना खरीदना शक्ति, शौर्य, प्रखरता और ताकत में वृद्धि दिलाता है। सोने को हमेशा से बहुमूल्य धातु और धन-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना गया है। इस अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती का संयोग अक्षय तृतीया के दिन ही मां रेणुका के गर्भ से भगवान विष्णु के षष्टम अवतार भगवान परशुराम की प्राकट्योत्सव भी मनाया जाएगा। भविष्य पुराण के अनुसार, इसी दिन सतयुग का अंत, त्रेता युग का आरंभ और महाभारत युद्ध का अंत हुआ था। इसी दिन मां गंगा का अवतरण इस धरा पर हुआ था। अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान बद्रीनाथ और केदारनाथ का कपाट खुलेगा। मिट्टी के पात्र स्वर्ण के बराबर देगा फल वैदिक पंडित राकेश झा ने बताया कि, ‘शास्त्रों में भारत भूमि की तुलना स्वर्ण से बढ़कर बतायी गयी है। अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी का पात्र, मिट्टी का दीपक, कसोरा, कलश की खरीदारी करने से भी स्वर्ण के बराबर शुभ फल देगा। इसके अलावा इस दिन पीला सरसों, कपास, हल्दी, कमलगट्टा, धनिया, कौड़ी की खरीदारी करना शुभ होता है।’ अक्षय तृतीया आज कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र के युग्म संयोग के साथ सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग में मनाई जाएगी। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में अक्षय तृतीया को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध मुहूर्त्त बताया गया है। सनातन धर्मावलंबियों आज गंगा स्नान-दान, व्रत, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, शुभ कार्य आदि करेंगे। दान-पुण्य का महापर्व है अक्षय तृतीया ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि, ‘आज सोमवार को अक्षय तृतीया के दिन श्रद्धालु श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी और गौरी की पूजा करेंगे। इस पूजन से घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि होती है। दान-पुण्य का महापर्व है अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सत्तू, जल, गुड़, छाता, चरण पादुका, अन्न, ऋतुफल, चना, दूध, दही , भोजन सामग्री, वस्त्र आदि का दान करें। बेजुबानों को खाने-पीने की वस्तु देने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। इस तिथि को दान-पुण्य का महापर्व कहा गया है। धातु की खरीदी से बढ़ेगी समृद्धि पंडित राकेश झा ने कहा कि, ‘ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग, शुभ योगों के महासंयोग, सर्वसिद्ध मुहूर्त और अबूझ मुहूर्त में स्वर्ण, चांदी, कांसा जैसे पवित्र धातु, मोती, रत्न, स्थिर संपत्ति आदि खरीदने से घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता में वृद्धि होती है। इन धातुओं में अक्षय लाभ और लक्ष्मी माता का वास होता है।’ अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ स्वर्ण की तुलना सूर्य से की जाती है। अक्षय तृतीया पर सूर्य देवता सबसे तेज चमकते हैं। इसीलिए सोना खरीदना शक्ति, शौर्य, प्रखरता और ताकत में वृद्धि दिलाता है। सोने को हमेशा से बहुमूल्य धातु और धन-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना गया है। इस अक्षय तृतीया के दिन परशुराम जयंती का संयोग अक्षय तृतीया के दिन ही मां रेणुका के गर्भ से भगवान विष्णु के षष्टम अवतार भगवान परशुराम की प्राकट्योत्सव भी मनाया जाएगा। भविष्य पुराण के अनुसार, इसी दिन सतयुग का अंत, त्रेता युग का आरंभ और महाभारत युद्ध का अंत हुआ था। इसी दिन मां गंगा का अवतरण इस धरा पर हुआ था। अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान बद्रीनाथ और केदारनाथ का कपाट खुलेगा। मिट्टी के पात्र स्वर्ण के बराबर देगा फल वैदिक पंडित राकेश झा ने बताया कि, ‘शास्त्रों में भारत भूमि की तुलना स्वर्ण से बढ़कर बतायी गयी है। अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी का पात्र, मिट्टी का दीपक, कसोरा, कलश की खरीदारी करने से भी स्वर्ण के बराबर शुभ फल देगा। इसके अलावा इस दिन पीला सरसों, कपास, हल्दी, कमलगट्टा, धनिया, कौड़ी की खरीदारी करना शुभ होता है।’  

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