कोडरमा रेल पुलिस ने अंतरराज्यीय छिनतई गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के मनोसाखली निवासी 46 वर्षीय आशीष प्रधान के रूप में हुई है। जिस मामले में अरेस्टिंग हुई है वह घटना रविवार की है। गया से आसनसोल जा रही पैसेंजर ट्रेन में चढ़ रही एक महिला के गले से चेन छीनने की कोशिश की गई। महिला और उसके पति द्वारा शोर मचाने पर मौके पर मौजूद जीआरपी जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आशीष को पकड़ लिया। हालांकि उसका साथी मौके से चेन लेकर फरार हो गया। पूछताछ में आशीष ने बताया कि वह पहले बसंती में मिठाई की दुकान में हलवाई का काम करता था, लेकिन कम आमदनी के कारण उसने अपराध का रास्ता अपना लिया। देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह बापी सरदार, सुबो गईन और महताब नामक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों और बसों में यात्रियों को निशाना बनाता था। रविवार को भी सभी आरोपी पश्चिम बंगाल से कोडरमा पहुंचे। स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर खड़े होकर यात्रियों की रेकी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सोने की चेन पहने एक महिला पर पड़ी। जैसे ही महिला ट्रेन में चढ़ने लगी, आशीष ने चालाकी से चेन छीनकर अपने साथी को थमा दिया। जीआरपी के अनुसार, यह गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है। पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इंटरसिटी एक्सप्रेस में महिला चोर पकड़ाई इसी बीच एक अन्य मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस में छिनतई करने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। रेल मदद से मिली सूचना के आधार पर गोमो स्टेशन पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें धनबाद के कतरास की रहने वाली संजना पासी (30) और प्रियंका पासी (26) को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक महिला यात्री का मंगलसूत्र और मोतियों की माला बरामद की गई। जीआरपी ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। कोडरमा रेल पुलिस ने अंतरराज्यीय छिनतई गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के मनोसाखली निवासी 46 वर्षीय आशीष प्रधान के रूप में हुई है। जिस मामले में अरेस्टिंग हुई है वह घटना रविवार की है। गया से आसनसोल जा रही पैसेंजर ट्रेन में चढ़ रही एक महिला के गले से चेन छीनने की कोशिश की गई। महिला और उसके पति द्वारा शोर मचाने पर मौके पर मौजूद जीआरपी जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आशीष को पकड़ लिया। हालांकि उसका साथी मौके से चेन लेकर फरार हो गया। पूछताछ में आशीष ने बताया कि वह पहले बसंती में मिठाई की दुकान में हलवाई का काम करता था, लेकिन कम आमदनी के कारण उसने अपराध का रास्ता अपना लिया। देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह बापी सरदार, सुबो गईन और महताब नामक साथियों के साथ मिलकर ट्रेनों और बसों में यात्रियों को निशाना बनाता था। रविवार को भी सभी आरोपी पश्चिम बंगाल से कोडरमा पहुंचे। स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर खड़े होकर यात्रियों की रेकी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सोने की चेन पहने एक महिला पर पड़ी। जैसे ही महिला ट्रेन में चढ़ने लगी, आशीष ने चालाकी से चेन छीनकर अपने साथी को थमा दिया। जीआरपी के अनुसार, यह गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है। पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इंटरसिटी एक्सप्रेस में महिला चोर पकड़ाई इसी बीच एक अन्य मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस में छिनतई करने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। रेल मदद से मिली सूचना के आधार पर गोमो स्टेशन पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें धनबाद के कतरास की रहने वाली संजना पासी (30) और प्रियंका पासी (26) को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक महिला यात्री का मंगलसूत्र और मोतियों की माला बरामद की गई। जीआरपी ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


