बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए घटनाक्रम को टीएमसी की प्री-प्लांड नौटंकी बताया है। उन्होंने कहा कि जब टीएमसी सत्ता में थी, तब वह पूरी तरह से एक तानाशाह पार्टी की तरह काम कर रही थी। उस दौरान किसी भी विधायक या सांसद को बोलने की आजादी नहीं थी, सबकी बोलती बंद थी। बंगाल में लोकतंत्र पूरी तरह से खतरे में था। अब जब वे सत्ता में नहीं हैं, तो विधायकों और नेताओं के मन से वह डर खत्म हो गया है। टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने मिलकर नौटंकी की पराकाष्ठा पार कर दी है। टीएमसी के लोगों ने रची साजिश बंगाल की सड़कों पर हुए प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीवी पर साफ देखा जा सकता है कि उनके नेता खुद ही अपने आप गिर रहे हैं। यह सब शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी की सरकार को बदनाम करने के लिए टीएमसी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश है। गिरिराज सिंह ने कहा कि इनके लोग बकायदा हेलमेट पहनकर आए थे, जिससे ड्रामा कर सकें। यहां तक कि एक नेता को तो उन्हीं की पार्टी के लोगों ने धक्का दिया और वह खुद ही गिर गए। बंगाल की जनता अब इस नौटंकी को अच्छी तरह समझ चुकी है। सरकार बंगलादेशियों को निकालेगी। कांग्रेस के लोग अपने पुराने दिन भूल चुके हैं केंद्रीय मंत्री ने कपिल सिब्बल के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शायद कपिल सिब्बल जी और कांग्रेस के लोग अपने पुराने दिन भूल गए हैं। उन्हें याद नहीं है कि जब देश में सिखों का नरसंहार हुआ था। तब कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती डोलती है’। पुरानी कहावत है कि चलनी दूसे सूप को, जिसमें सहस्र छेद। कपिल सिब्बल उसी कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हजारों सिखों की मौत की गुनहगार है, इसलिए उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग करने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए। आज देश में सुकून का माहौल है गिरिराज सिंह आगे कहा कि आज पूरे देश में पूरी तरह से सुकून का माहौल है। अगर देश में सुकून का माहौल नहीं होता, तो आज ये लोग सरेआम पीएम मोदी और अमित शाह को गालियां नहीं दे रहे होते। अमित शाह को बंगाल की सड़कों पर सरेआम गालियां दी जा रही थी, तब इन कांग्रेसियों की जुबान क्यों चुप थी। बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए घटनाक्रम को टीएमसी की प्री-प्लांड नौटंकी बताया है। उन्होंने कहा कि जब टीएमसी सत्ता में थी, तब वह पूरी तरह से एक तानाशाह पार्टी की तरह काम कर रही थी। उस दौरान किसी भी विधायक या सांसद को बोलने की आजादी नहीं थी, सबकी बोलती बंद थी। बंगाल में लोकतंत्र पूरी तरह से खतरे में था। अब जब वे सत्ता में नहीं हैं, तो विधायकों और नेताओं के मन से वह डर खत्म हो गया है। टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने मिलकर नौटंकी की पराकाष्ठा पार कर दी है। टीएमसी के लोगों ने रची साजिश बंगाल की सड़कों पर हुए प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीवी पर साफ देखा जा सकता है कि उनके नेता खुद ही अपने आप गिर रहे हैं। यह सब शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी की सरकार को बदनाम करने के लिए टीएमसी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश है। गिरिराज सिंह ने कहा कि इनके लोग बकायदा हेलमेट पहनकर आए थे, जिससे ड्रामा कर सकें। यहां तक कि एक नेता को तो उन्हीं की पार्टी के लोगों ने धक्का दिया और वह खुद ही गिर गए। बंगाल की जनता अब इस नौटंकी को अच्छी तरह समझ चुकी है। सरकार बंगलादेशियों को निकालेगी। कांग्रेस के लोग अपने पुराने दिन भूल चुके हैं केंद्रीय मंत्री ने कपिल सिब्बल के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शायद कपिल सिब्बल जी और कांग्रेस के लोग अपने पुराने दिन भूल गए हैं। उन्हें याद नहीं है कि जब देश में सिखों का नरसंहार हुआ था। तब कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती डोलती है’। पुरानी कहावत है कि चलनी दूसे सूप को, जिसमें सहस्र छेद। कपिल सिब्बल उसी कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हजारों सिखों की मौत की गुनहगार है, इसलिए उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग करने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए। आज देश में सुकून का माहौल है गिरिराज सिंह आगे कहा कि आज पूरे देश में पूरी तरह से सुकून का माहौल है। अगर देश में सुकून का माहौल नहीं होता, तो आज ये लोग सरेआम पीएम मोदी और अमित शाह को गालियां नहीं दे रहे होते। अमित शाह को बंगाल की सड़कों पर सरेआम गालियां दी जा रही थी, तब इन कांग्रेसियों की जुबान क्यों चुप थी।


