रेवाड़ी में गैर-इरादतन हत्या में तीन को सजा:एक को 10 साल व दो को 3-3 साल कैद, दो पूरी कर चुके सजा

रेवाड़ी में एडीजे नरेंद्रपाल की अदालत ने गैरइरादत हत्या के मामले में एक को 10 साल और दो को तीन-तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक को 10 और दो को तीन-तीन हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। तीन में से दो की सजा पूरी हो चुकी है। एक को जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुलाई 2022 में गांव लिसाना के एक खंडहर मकान में मेडिकल स्टोर संचालक के भतीजे का शव मिला था। खंडहर हवेली में मिला था शव अभियोग के अनुसार गांव लिसाना निवासी जयप्रकाश ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि 29 जुलाई 2022 की शाम उन्हें गांव के खंडहर मकान में उनके भतीजे कर्मबीर उर्फ पृथ्वी की हत्या की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो कर्मबीर मृत अवस्था में पड़ा मिला और उसके गले पर निशान मिले। जिसमें गांव के ही संजय उर्फ टिंडा पर उसके दो साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया। सदर थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद संजय उर्फ टिंडा और उसके दो साथी रोहित उर्फ लीला और जितेंद्र उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया था। रोहित उर्फ लीला व जितेंद्र उर्फ राहुल मामले की सुनवाई के समय जेल में रहते हुए अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। साथियों पर साक्ष्य मिटाने के आरोप मामला तभी से अदालत में विचाराधीन था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल की अदालत ने ने संजय उर्फ टिंडा को गैरइरादत हत्या और रोहित उर्फ लीला और जितेंद्र उर्फ राहुल को साक्ष्य मिटाने का आरोपी माना। कोर्ट ने संजय उर्फ टिंडा को 10 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि रोहित उर्फ लीला और जितेंद्र उर्फ राहुल को तीन-तीन साल कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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