‘नीतीश की तपस्या पर जिसने पानी फेरा वो JDU छोड़े’:आनंद मोहन बोले-भौंकने वालों को जवाब नहीं देता; जदयू थैली वाली पार्टी बयान पर कायम हूं

‘नीतीश की तपस्या पर जिसने पानी फेरा वो JDU छोड़े’:आनंद मोहन बोले-भौंकने वालों को जवाब नहीं देता; जदयू थैली वाली पार्टी बयान पर कायम हूं

पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन अपने बयानों को लेकर इन दिनों खूब चर्चा में हैं। उन्होंने कहा था कि, जदयू थैली वाली पार्टी हो गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वो मंत्री बना। आनंद मोहन इस बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि मैं जो कहता हूं तौल कर कहता हूं। सोच-समझकर कहता हूं। जो कहता हूं, उसमें फिर बदलने की कोई गुंजाइश नहीं। JDU को लेकर आनंद मोहन ने कहा, जिन बेईमानों ने नीतीश कुमार के जीवन भर की तपस्या पर पानी फेर दिया वो जेडीयू छोड़ें। बिहार पिपुल्स पार्टी और समता पार्टी के विलय के बाद जेडीयू बना। जिसको जेडीयू से भागना है वो भागे। दरअसल, आनंद मोहन बुधवार की शाम दिल्ली से पटना पहुंचे थे। पत्रकारों ने जब आनंद मोहन सवाल किया कि आपके बयान पर जदयू के कुछ नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो उन्होंने कहा कि,हर भौंकने वाला का जवाब आनंद मोहन नहीं देता है। उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री पत्रकारों ने जब उनके बेटे चेतन आनंद को उप मंत्री का दर्जा मिलने को लेकर सवाल किया तो आनंद मोहन ने कहा, मैंने पहले भी कहा था कि उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री। मंत्री क्या होता है? जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नई पार्टी बनाने वाले हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि, ‘वक्त आने दे तुझे बता देंगे ऐ आसमां… हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।’ चेतन आनंद और लवली आनंद के स्टैंड पर क्या बोले चेतन आनंद और लवली आनंद के राजनीतिक स्टैंड को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने कहा,।सब एक ही दिन बता दें। जिनका स्टैंड होगा उनसे पूछिए।इंतजार कीजिए। आनंद मोहन ने कहा था-नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया आनंद मोहन ने हाल में में सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान जदयू के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने कहा था कि, नीतीश कुमार को उनकी पार्टी के लोगों ने जिंदा दफन कर दिया। नीतीश के बेटे निशांत को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने पर आनंद मोहन ने कहा था, ‘बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है। चंडाल चौकड़ी ने जदयू को बर्बाद कर दिया। जदयू अब थैली वाली पार्टी हो गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वो मंत्री बना।’ नीतीश कुमार की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। आज कौन लोग हैं चेतन आनंद को नवीनगर भेजते हैं, शफूर्दीन का गला काटते हैं? उन्होंने कहा, बिहार में नए सीएम की शपथ ग्रहण में नीतीश कुमार मौजूद थे। 85 MLA के साथ वे खड़े थे, लेकिन उनकी फोटो नहीं थी। आज जो सरकारी बोर्ड लगाया जा रहे हैं, उसमें से डिप्टी सीएम का भी नाम गायब हो गया है।’ चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने पर आनंद मोहन ने कहा, ‘कुछ लोग नैरिटिव सेट कर रहे हैं कि आनंद मोहन बेटे को पद दिलाने के लिए बौखला गया है। इन लोगों ने जेडीयू का बोरिया-बिस्तर नहीं समेटा है। पूरे एनडीए को डूबा रहे हैं। आज चुनाव हो जाए। आरा-बक्सर के MLC चुनाव में थैली को करारा जवाब मिला है। दूसरा चुनाव फिर होने वाला है। लोग कहते हैं टाइगर अभी जिंदा है। सिंह इज किंग। देखते रहिए आप। पैसे का खेल हो रहा है।’ जो लोग परिवारवाद पर हल्ला मचाते हैं, उन्हीं के भाई को डुमरांव से टिकट दिया गया। आनंद मोहन ने कहा कि उन्हें किसी पद या नुकसान की चिंता नहीं है, वे सिर्फ सच बोलने आए हैं। चेतन आनंद को मिली जगह आनंद मोहन के बयानबाजी के बीच सम्राट सरकार द्वारा ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ का पुनर्गठन किया। इसमें आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को भी जगह दी गई। चेतन आनंद शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की कोर टीम (‘टीम निशांत’) का हिस्सा थे। कयास लग रहे थे कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन ऐसा न होने से उपजी राजनीतिक तल्खी को दूर करने के लिए अब सम्राट सरकार ने चेतन आनंद को इस बड़ी समिति में सेट कर राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। सदस्यों को मिलेगा उपमंत्री का दर्जा और सुविधाएं नियमों के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा दिया जाता है। इसके तहत जो सदस्य विधायक या एमएलसी हैं, उन्हें बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ते और सुविधाएं तो पूर्ववत मिलती ही रहेंगी, साथ ही उपमंत्री का दर्जा मिलने के कारण उन्हें सरकार से अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। वहीं, दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी। पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन अपने बयानों को लेकर इन दिनों खूब चर्चा में हैं। उन्होंने कहा था कि, जदयू थैली वाली पार्टी हो गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वो मंत्री बना। आनंद मोहन इस बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि मैं जो कहता हूं तौल कर कहता हूं। सोच-समझकर कहता हूं। जो कहता हूं, उसमें फिर बदलने की कोई गुंजाइश नहीं। JDU को लेकर आनंद मोहन ने कहा, जिन बेईमानों ने नीतीश कुमार के जीवन भर की तपस्या पर पानी फेर दिया वो जेडीयू छोड़ें। बिहार पिपुल्स पार्टी और समता पार्टी के विलय के बाद जेडीयू बना। जिसको जेडीयू से भागना है वो भागे। दरअसल, आनंद मोहन बुधवार की शाम दिल्ली से पटना पहुंचे थे। पत्रकारों ने जब आनंद मोहन सवाल किया कि आपके बयान पर जदयू के कुछ नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो उन्होंने कहा कि,हर भौंकने वाला का जवाब आनंद मोहन नहीं देता है। उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री पत्रकारों ने जब उनके बेटे चेतन आनंद को उप मंत्री का दर्जा मिलने को लेकर सवाल किया तो आनंद मोहन ने कहा, मैंने पहले भी कहा था कि उप मुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री। मंत्री क्या होता है? जब उनसे पूछा गया कि क्या वह नई पार्टी बनाने वाले हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि, ‘वक्त आने दे तुझे बता देंगे ऐ आसमां… हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।’ चेतन आनंद और लवली आनंद के स्टैंड पर क्या बोले चेतन आनंद और लवली आनंद के राजनीतिक स्टैंड को लेकर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने कहा,।सब एक ही दिन बता दें। जिनका स्टैंड होगा उनसे पूछिए।इंतजार कीजिए। आनंद मोहन ने कहा था-नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया आनंद मोहन ने हाल में में सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान जदयू के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने कहा था कि, नीतीश कुमार को उनकी पार्टी के लोगों ने जिंदा दफन कर दिया। नीतीश के बेटे निशांत को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने पर आनंद मोहन ने कहा था, ‘बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है। चंडाल चौकड़ी ने जदयू को बर्बाद कर दिया। जदयू अब थैली वाली पार्टी हो गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वो मंत्री बना।’ नीतीश कुमार की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। आज कौन लोग हैं चेतन आनंद को नवीनगर भेजते हैं, शफूर्दीन का गला काटते हैं? उन्होंने कहा, बिहार में नए सीएम की शपथ ग्रहण में नीतीश कुमार मौजूद थे। 85 MLA के साथ वे खड़े थे, लेकिन उनकी फोटो नहीं थी। आज जो सरकारी बोर्ड लगाया जा रहे हैं, उसमें से डिप्टी सीएम का भी नाम गायब हो गया है।’ चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने पर आनंद मोहन ने कहा, ‘कुछ लोग नैरिटिव सेट कर रहे हैं कि आनंद मोहन बेटे को पद दिलाने के लिए बौखला गया है। इन लोगों ने जेडीयू का बोरिया-बिस्तर नहीं समेटा है। पूरे एनडीए को डूबा रहे हैं। आज चुनाव हो जाए। आरा-बक्सर के MLC चुनाव में थैली को करारा जवाब मिला है। दूसरा चुनाव फिर होने वाला है। लोग कहते हैं टाइगर अभी जिंदा है। सिंह इज किंग। देखते रहिए आप। पैसे का खेल हो रहा है।’ जो लोग परिवारवाद पर हल्ला मचाते हैं, उन्हीं के भाई को डुमरांव से टिकट दिया गया। आनंद मोहन ने कहा कि उन्हें किसी पद या नुकसान की चिंता नहीं है, वे सिर्फ सच बोलने आए हैं। चेतन आनंद को मिली जगह आनंद मोहन के बयानबाजी के बीच सम्राट सरकार द्वारा ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ का पुनर्गठन किया। इसमें आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को भी जगह दी गई। चेतन आनंद शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की कोर टीम (‘टीम निशांत’) का हिस्सा थे। कयास लग रहे थे कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन ऐसा न होने से उपजी राजनीतिक तल्खी को दूर करने के लिए अब सम्राट सरकार ने चेतन आनंद को इस बड़ी समिति में सेट कर राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। सदस्यों को मिलेगा उपमंत्री का दर्जा और सुविधाएं नियमों के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा दिया जाता है। इसके तहत जो सदस्य विधायक या एमएलसी हैं, उन्हें बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ते और सुविधाएं तो पूर्ववत मिलती ही रहेंगी, साथ ही उपमंत्री का दर्जा मिलने के कारण उन्हें सरकार से अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। वहीं, दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी।  

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