शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि जिले में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले की सभी गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 2943 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। गैस की किल्लत के बीच अब लोग पीएनजी कनेक्शन भी ले रहे हैं, जिसकी संख्या बढ़कर 2084 हो गई है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि रसोई गैस के दुरुपयोग, भंडारण, कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। 98 परिवारों को 258 गैस सिलेंडर मुहैया कराए जा चुके
शादी-विवाह के आयोजनों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था अनुमंडल कार्यालय के माध्यम से की गई है। इस व्यवस्था के तहत अब तक 98 परिवारों को 258 गैस सिलेंडर मुहैया कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, जीविका रसोई और स्कूलों में भी गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। गैस की कमी को देखते हुए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्ड धारकों को जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से प्रतिमाह 100 किलोग्राम कोयला उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अन्य अवसरों पर ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े
इस संबंध में वितरण की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की मार्गदर्शिका प्राप्त हो चुकी है, जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को खाना पकाने, शादी-विवाह या अन्य अवसरों पर ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने पत्रकारों के माध्यम से गैस सिलेंडर को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही। शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि जिले में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले की सभी गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 2943 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। गैस की किल्लत के बीच अब लोग पीएनजी कनेक्शन भी ले रहे हैं, जिसकी संख्या बढ़कर 2084 हो गई है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि रसोई गैस के दुरुपयोग, भंडारण, कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। 98 परिवारों को 258 गैस सिलेंडर मुहैया कराए जा चुके
शादी-विवाह के आयोजनों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था अनुमंडल कार्यालय के माध्यम से की गई है। इस व्यवस्था के तहत अब तक 98 परिवारों को 258 गैस सिलेंडर मुहैया कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, जीविका रसोई और स्कूलों में भी गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। गैस की कमी को देखते हुए, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्ड धारकों को जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से प्रतिमाह 100 किलोग्राम कोयला उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अन्य अवसरों पर ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े
इस संबंध में वितरण की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की मार्गदर्शिका प्राप्त हो चुकी है, जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को खाना पकाने, शादी-विवाह या अन्य अवसरों पर ऊर्जा संकट का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने पत्रकारों के माध्यम से गैस सिलेंडर को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही।


