बिहार के 2 IAS अधिकारी को केंद्र में मिला प्रभार:वंदना प्रेयसी और अनूपम कुमार केंद्र में तैनात, डॉ चंद्रशेखर को मिली कई विभाग की जिम्मेदारी

बिहार के 2 IAS अधिकारी को केंद्र में मिला प्रभार:वंदना प्रेयसी और अनूपम कुमार केंद्र में तैनात, डॉ चंद्रशेखर को मिली कई विभाग की जिम्मेदारी

बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में बड़ा बदलाव करते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वंदना प्रेयसी और अनूपम कुमार को केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी 1 मई 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव के साथ ही राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह को सौंप दी है। चंद्रशेखर सिंह को कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार दोनों अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद राज्य सरकार ने विभागीय प्रभारों में व्यापक बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार डॉ. चंद्रशेखर सिंह अब सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, संसदीय कार्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और बिहार विकास मिशन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा। डॉ. चंद्रशेखर सिंह पहले से ही मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। करीब सात महीने पहले उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब नए विभाग मिलने के बाद उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी और बढ़ गई है। नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में होती है गिनती डॉ. चंद्रशेखर सिंह की गिनती पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारियों में की जाती है। प्रशासनिक मामलों में उनकी पकड़ और कार्यशैली को देखते हुए सरकार लगातार उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपती रही है। कई बड़े विभागों का प्रभार उनके पास होना इस बात का संकेत है कि सरकार को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। चौथे प्रयास में बने IAS अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक है। एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया था कि शुरुआत में उन्हें UPSC परीक्षा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। ग्रेजुएशन के बाद साथियों को देखकर उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में प्रीलिम्स और मेंस पास किया, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिली। दूसरे प्रयास में भी असफलता हाथ लगी। तीसरे प्रयास में उन्हें IRS मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने चौथे प्रयास में 2010 में UPSC परीक्षा पास की और बिहार कैडर प्राप्त किया। उन्होंने छात्रों से कहा था कि इस परीक्षा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि कोई भी सामान्य पृष्ठभूमि का छात्र मेहनत और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल कर सकता है। बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में बड़ा बदलाव करते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वंदना प्रेयसी और अनूपम कुमार को केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी 1 मई 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव के साथ ही राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह को सौंप दी है। चंद्रशेखर सिंह को कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार दोनों अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद राज्य सरकार ने विभागीय प्रभारों में व्यापक बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार डॉ. चंद्रशेखर सिंह अब सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, संसदीय कार्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और बिहार विकास मिशन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा। डॉ. चंद्रशेखर सिंह पहले से ही मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। करीब सात महीने पहले उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब नए विभाग मिलने के बाद उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी और बढ़ गई है। नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में होती है गिनती डॉ. चंद्रशेखर सिंह की गिनती पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारियों में की जाती है। प्रशासनिक मामलों में उनकी पकड़ और कार्यशैली को देखते हुए सरकार लगातार उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपती रही है। कई बड़े विभागों का प्रभार उनके पास होना इस बात का संकेत है कि सरकार को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। चौथे प्रयास में बने IAS अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक है। एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया था कि शुरुआत में उन्हें UPSC परीक्षा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। ग्रेजुएशन के बाद साथियों को देखकर उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में प्रीलिम्स और मेंस पास किया, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिली। दूसरे प्रयास में भी असफलता हाथ लगी। तीसरे प्रयास में उन्हें IRS मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने चौथे प्रयास में 2010 में UPSC परीक्षा पास की और बिहार कैडर प्राप्त किया। उन्होंने छात्रों से कहा था कि इस परीक्षा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि कोई भी सामान्य पृष्ठभूमि का छात्र मेहनत और निरंतर प्रयास से सफलता हासिल कर सकता है।  

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