जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित आदर्श सिंह सुल्तानपुर जिले के ताजुद्दीनपुर गांव के निवासी हैं। वह पिछले चार साल से सुल्तानपुर रोड पर प्लॉट नंबर 453 के सामने ‘वीआईपी ढाबा’ नाम से रेस्टोरेंट चला रहे हैं। उनका परिवार पास की ऊर्जा बिल्डिंग की 15वीं मंजिल पर रहता है। आदर्श सिंह के अनुसार, यह घटना 24 अप्रैल 2026 को हुई, जब वे लखनऊ और कानपुर गए हुए थे। उसी दिन शाम करीब 9 बजे उनकी पत्नी और बच्चे देवकाली में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे। रात 11 बजे जब परिवार घर लौटा, तो फ्लैट का सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारियों के ताले टूटे थे और कपड़े इधर-उधर फेंके हुए थे। जांच करने पर पता चला कि चोर घर से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी ले गए। चोरी हुए सामान में बच्चों के सोने के लॉकेट, चांदी की पायल, करधन, पाजेब, चेन, सोने की अंगूठियां, लगभग 4000 रुपये नकद और एक सैमसंग मोबाइल फोन शामिल है। पीड़ित के अनुसार, चोरी की गई संपत्ति की कीमत लाखों में है। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलने पर पीआरबी और चीता मोबाइल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी भी कराई और जांच-पड़ताल की, लेकिन दो दिन बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित आदर्श सिंह का आरोप है कि पुलिस केवल जांच का हवाला देकर मामले को टाल रही है। वहीं, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वे खुद मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


