CG Theft News: बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां घर के भीतर ही लाखों के जेवर गायब होने की गुत्थी सुलझी तो आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि खुद परिवार का सदस्य निकला। करीब 75 से 80 लाख रुपए के सोने के आभूषण गायब होने की इस घटना में बेटे ने ही कर्ज चुकाने के लिए चोरी कर गहनों को बेच दिया।
आवेदक सतीष मिश्रा, निवासी आसमां सिटी ने 25 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर के लॉकर से उनकी दिवंगत मां, पत्नी और भाभी के सोने के जेवर गायब हैं। जांच में सामने आया कि लॉकर में असली गहनों की जगह नकली जेवर रख दिए गए थे, जिससे परिवार को लंबे समय तक शक नहीं हुआ।
बेटे ने दोस्तों के कर्ज के लिए रची साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सतीष मिश्रा के बेटे प्रणव मिश्रा ने अपने दोस्तों से लिए गए उधार को चुकाने के लिए यह कदम उठाया। प्रणव ने अपने मित्र तनय राय की मदद से कई बार में सोना बेचा। कुछ सोना गोपाल सान्धरा (बंगाली दादा) को करीब 2.5 लाख में बेचा। बाद में प्रीयांशु पानीकर को करीब 80 हजार में सोना बेचा और पूरी रकम कर्ज चुकाने, घूमने-फिरने और अन्य खर्च में उड़ा दी।
औने-पौने दाम में खरीदा गया चोरी का सोना
जांच में यह भी सामने आया कि, आरोपी को सोने की असली कीमत का अंदाजा नहीं था। इसका फायदा उठाकर खरीदारों ने कम कीमत पर सोना खरीद लिया। पुलिस ने इसे चोरी का माल बेईमानी से खरीदना माना है और पूरे मामले में सकरी पुलिस ने धारा 303(2), धारा 317(2), धारा 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
सरकंडा में भी हो चुकी है कार्रवाई
कुछ समय पहले सरकंडा पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में अपराध दर्ज कर कार्रवाई की थी और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। सकरी मामले के तार भी सरकंडा मामले से जुड़े हुए होने की बात कही जा रही है। पुलिस अब बेचे गए सोने की रिकवरी करने, आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच करने में जुट गई है।


