समस्तीपुर में मक्का की खेत में प्रेमी से मिलने गई एक महिला की गांव वालों ने पकड़कर शादी करा दी। लड़के और महिला की शादी में गांव के बड़े, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा इकट्ठा हुए। दोनों को हाथ में वरमाला पकड़ाया और एक-दूसरे के गले में वरमाला डालकर शादी करा दी गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के राधोपुर गांव की है। जिस महिला की लड़के से शादी कराई गई, वो 5 साल के एक बच्चे की मां है। महिला का पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है। महिला अपने सास-ससुर के साथ रहती है। लड़के और महिला की शादी की 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला महिला की पहचान दलसिंहसराय के रामपुर जलालपुर गांव की रहने वाली 30 साल की राधनी के रूप में हुई है। राधनी की शादी 7 साल पहले राधोपुर गांव के रहने वाले मनीष कुमार के साथ हुई थी। मनीष से ही राधनी को एक बेटा हुआ। जानकारी के मुताबिक, शादी के बाद बेटा होने तक मनीष कुमार गांव में ही रहा। फिर बच्चे की परवरिश अच्छी तरह से हो सके और पत्नी सास-ससुर के साथ खुश रह सके, इसलिए मनीष गांव छोड़र हरियाणा में कमाने चला गया। पांच साल से घर नहीं आया महिला का पति गांव के लोगों के मुताबिक, मनीष पिछले पांच साल से घर नहीं आया है। हरियाणा जाने के बाद उसने कुछ दिनों तक अपनी पत्नी से बातचीत की, लेकिन बाद में पत्नी से उसकी बातचीत बंद हो गई। वो कभी-कभी अपने माता-पिता को कॉल कर हाल समाचार लेता रहता था, लेकिन पत्नी और बेटे से मतलब नहीं रखता था। पति के घर नहीं आने के कारण राधनी अपने मायका रामपुर जलापुर गांव में अपने माता पिता के साथ रहने लगी। राधोपुर से रामपुर जलालपुर गांव की दूरी करीब 3 किलोमीटर की होगी। ससुराल के ही मयंक से राधनी की सोशल मीडिया पर होने लगी बातचीत महिला के ससुराल यानी राधोपुर गांव में ही 25 साल का मयंक रहता है। आसपास घर होने की वजह से दोनों एक दूसरे से परिचित थे। बताया जा रहा है कि मायका जाने के बाद राधनी ने सोशल मीडिया पर मयंक से दोस्ती की और फिर दोनों की बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे का नंबर लिया और फोन पर घंटों बातचीत करने लगे। मयंक और राधनी एक दूसरे से बाजार और गांव के बाहर चोरी छिपकर मिलने भी लगे। दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। कहा जा रहा है कि मयंक ने राधनी से शादी का वादा भी किया था। हालांकि, जब दोनों गांव के बाहर मिलते थे, तो इसकी भनक गांव के लोगों को हो गई थी। गांव के लोगों ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ने का प्लान बनाया। मक्का के खेत में मयंक से मिलने पहुंची महिला तो गांव के लोगों ने पकड़ा राधनी बुधवार की देर शाम अपने प्रेमी मयंक से मिलने के लिए मायका से ससुराल आई थी। दोनों मिलने के लिए मक्का के खेत में पहुंचे थे। इसकी भनक गांव के लोगों को जैसे हुई, गांव के कुछ लोग खेत पहुंच गए और दोनों को पकड़ लिया। फिर गांव लाया गया। गांव के बड़े-बुजुर्गों के बीच फैसला हुआ कि राधनी का पति पिछले पांच साल से नहीं आया है, उसे साथी की जरूरत है और मयंक की भी शादी नहीं हुई है, इसलिए दोनों की शादी करा दी जाए। इसके बाद गांव में ही गुरुवार को राधनी और मयंक की शादी करा दी गई। दोनों को वरमाला दिया गया, जिसे मयंक और राधनी ने एक-दूसरे के गले में डाला। इसके बाद गांव की महिलाओं ने परंपरा के तहत राधनी की मांग में सिंदूर डालकर उसे मयंक के साथ विदा कर दिया। फिलहाल, राधनी का बेटा भी अपनी मां के साथ गया है। समस्तीपुर में मक्का की खेत में प्रेमी से मिलने गई एक महिला की गांव वालों ने पकड़कर शादी करा दी। लड़के और महिला की शादी में गांव के बड़े, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा इकट्ठा हुए। दोनों को हाथ में वरमाला पकड़ाया और एक-दूसरे के गले में वरमाला डालकर शादी करा दी गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के राधोपुर गांव की है। जिस महिला की लड़के से शादी कराई गई, वो 5 साल के एक बच्चे की मां है। महिला का पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है। महिला अपने सास-ससुर के साथ रहती है। लड़के और महिला की शादी की 3 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला महिला की पहचान दलसिंहसराय के रामपुर जलालपुर गांव की रहने वाली 30 साल की राधनी के रूप में हुई है। राधनी की शादी 7 साल पहले राधोपुर गांव के रहने वाले मनीष कुमार के साथ हुई थी। मनीष से ही राधनी को एक बेटा हुआ। जानकारी के मुताबिक, शादी के बाद बेटा होने तक मनीष कुमार गांव में ही रहा। फिर बच्चे की परवरिश अच्छी तरह से हो सके और पत्नी सास-ससुर के साथ खुश रह सके, इसलिए मनीष गांव छोड़र हरियाणा में कमाने चला गया। पांच साल से घर नहीं आया महिला का पति गांव के लोगों के मुताबिक, मनीष पिछले पांच साल से घर नहीं आया है। हरियाणा जाने के बाद उसने कुछ दिनों तक अपनी पत्नी से बातचीत की, लेकिन बाद में पत्नी से उसकी बातचीत बंद हो गई। वो कभी-कभी अपने माता-पिता को कॉल कर हाल समाचार लेता रहता था, लेकिन पत्नी और बेटे से मतलब नहीं रखता था। पति के घर नहीं आने के कारण राधनी अपने मायका रामपुर जलापुर गांव में अपने माता पिता के साथ रहने लगी। राधोपुर से रामपुर जलालपुर गांव की दूरी करीब 3 किलोमीटर की होगी। ससुराल के ही मयंक से राधनी की सोशल मीडिया पर होने लगी बातचीत महिला के ससुराल यानी राधोपुर गांव में ही 25 साल का मयंक रहता है। आसपास घर होने की वजह से दोनों एक दूसरे से परिचित थे। बताया जा रहा है कि मायका जाने के बाद राधनी ने सोशल मीडिया पर मयंक से दोस्ती की और फिर दोनों की बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे का नंबर लिया और फोन पर घंटों बातचीत करने लगे। मयंक और राधनी एक दूसरे से बाजार और गांव के बाहर चोरी छिपकर मिलने भी लगे। दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। कहा जा रहा है कि मयंक ने राधनी से शादी का वादा भी किया था। हालांकि, जब दोनों गांव के बाहर मिलते थे, तो इसकी भनक गांव के लोगों को हो गई थी। गांव के लोगों ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ने का प्लान बनाया। मक्का के खेत में मयंक से मिलने पहुंची महिला तो गांव के लोगों ने पकड़ा राधनी बुधवार की देर शाम अपने प्रेमी मयंक से मिलने के लिए मायका से ससुराल आई थी। दोनों मिलने के लिए मक्का के खेत में पहुंचे थे। इसकी भनक गांव के लोगों को जैसे हुई, गांव के कुछ लोग खेत पहुंच गए और दोनों को पकड़ लिया। फिर गांव लाया गया। गांव के बड़े-बुजुर्गों के बीच फैसला हुआ कि राधनी का पति पिछले पांच साल से नहीं आया है, उसे साथी की जरूरत है और मयंक की भी शादी नहीं हुई है, इसलिए दोनों की शादी करा दी जाए। इसके बाद गांव में ही गुरुवार को राधनी और मयंक की शादी करा दी गई। दोनों को वरमाला दिया गया, जिसे मयंक और राधनी ने एक-दूसरे के गले में डाला। इसके बाद गांव की महिलाओं ने परंपरा के तहत राधनी की मांग में सिंदूर डालकर उसे मयंक के साथ विदा कर दिया। फिलहाल, राधनी का बेटा भी अपनी मां के साथ गया है।


