मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित पुराने ललवारा गांव के ग्रामीणों ने बरसात से पहले अपनी वर्षों पुरानी समस्या को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। गांव की मुख्य पुलिया नीची होने के कारण हर साल बारिश के दौरान करीब तीन महीने तक गांव का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इस समस्या के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी गांव तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ललवारा गांव के आबिद हुसैन, अकबर हुसैन, शानेआलम, जाहिद हुसैन, दानिश और आसिफ रज़ा ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी भेजा है, जिसमें पिछले साल बरसात के दिनों की भयावह स्थिति को दिखाया गया है। वीडियो में पुलिया पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बंद दिख रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, मरीजों को मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य अस्थायी साधनों से गांव से बाहर लाकर उपचार के लिए ले जाना पड़ता है। उनका आरोप है कि हर वर्ष समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले पुलिया का निर्माण ऊंचा कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या समाप्त हो सके और गांव का संपर्क मुख्यालय से बना रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले मानसून में हजारों ग्रामीणों को एक बार फिर परेशानी झेलनी पड़ेगी। ग्रामीण अहमद रजा ने बताया कि बरसात के दिनों में गांव के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पुलिया की यह समस्या 20 सालों से भी अधिक समय से जस की तस बनी हुई है और अब तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है।


