पटना जू में जल्द ही लोगों को नए जानवर देखने को मिलेंगे। दिल्ली और रोहतक जू के बाद अब सिंगापुर से भी जानवर मंगवाने की तैयारी है। पटना जू में दो सिंग वाले सफेद गैंडों का जोड़ा देखने को मिलेगा। इसके बदले में पटना जू से एक सिंग वाले गैंडे का एक जोड़ा सिंगापुर जाएगा। इसके लिए सिंगापुर जू से पटना जू और वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी बातचीत कर रहें हैं। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों की अदला-बदली होगी। पानी के जहाज से आएगा गैंडा ये दो सिंग वाला गैंडा पानी के जहाज से आएगा। सिंगापुर भारत से जलमार्ग कनेक्टिविटी से भी जुड़ा हुआ है। वहां से समुंद्र मार्ग से ही कोलकाता बंदरगाह तक गैंडा को लाने और वहां से ट्रक पर लादकर सड़क मार्ग से पटना जू लाने की योजना बनाई जा रही है। हवाई मार्ग की बजाय समुंद्र मार्ग के विकल्प को इसलिए तव्ज्जो दी जा रही है, क्योंकि इससे गैंडा को पटना जू लाने या यहां से गैंडा को सिंगापुर जू ले जाने का खर्च बहुत कम हो जाएगा।
पटना जू गैंडों की संख्या के मामले में एशिया में पहले स्थान पर वर्तमान में पटना जू गैंडों की संख्या के मामले में एशिया में पहले स्थान पर है। वहीं, दुनिया में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। पटना जू में इस समय 10 गैंडे हैं, जिनमें छह मादा और चार नर गैंडा शामिल हैं। सभी गैंडे व्यस्क हैं और सबसे छोटे गैंडे की उम्र पांच वर्ष है। पहले स्थान पर अमेरिका के कैलीफार्निया का सेंट डिएगो जू सफारी है। इन गैंडों के पटना जू आने से यहां गैंडों की प्रजाति की विविधता बढ़ जायेगी और दर्शकों को एक सिंग वाले देशी गैंडों के साथ दो सिंग वाले विदेशी गैंडे भी देखने को मिलेंगे। पटना जू में जल्द ही लोगों को नए जानवर देखने को मिलेंगे। दिल्ली और रोहतक जू के बाद अब सिंगापुर से भी जानवर मंगवाने की तैयारी है। पटना जू में दो सिंग वाले सफेद गैंडों का जोड़ा देखने को मिलेगा। इसके बदले में पटना जू से एक सिंग वाले गैंडे का एक जोड़ा सिंगापुर जाएगा। इसके लिए सिंगापुर जू से पटना जू और वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी बातचीत कर रहें हैं। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जानवरों की अदला-बदली होगी। पानी के जहाज से आएगा गैंडा ये दो सिंग वाला गैंडा पानी के जहाज से आएगा। सिंगापुर भारत से जलमार्ग कनेक्टिविटी से भी जुड़ा हुआ है। वहां से समुंद्र मार्ग से ही कोलकाता बंदरगाह तक गैंडा को लाने और वहां से ट्रक पर लादकर सड़क मार्ग से पटना जू लाने की योजना बनाई जा रही है। हवाई मार्ग की बजाय समुंद्र मार्ग के विकल्प को इसलिए तव्ज्जो दी जा रही है, क्योंकि इससे गैंडा को पटना जू लाने या यहां से गैंडा को सिंगापुर जू ले जाने का खर्च बहुत कम हो जाएगा।
पटना जू गैंडों की संख्या के मामले में एशिया में पहले स्थान पर वर्तमान में पटना जू गैंडों की संख्या के मामले में एशिया में पहले स्थान पर है। वहीं, दुनिया में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। पटना जू में इस समय 10 गैंडे हैं, जिनमें छह मादा और चार नर गैंडा शामिल हैं। सभी गैंडे व्यस्क हैं और सबसे छोटे गैंडे की उम्र पांच वर्ष है। पहले स्थान पर अमेरिका के कैलीफार्निया का सेंट डिएगो जू सफारी है। इन गैंडों के पटना जू आने से यहां गैंडों की प्रजाति की विविधता बढ़ जायेगी और दर्शकों को एक सिंग वाले देशी गैंडों के साथ दो सिंग वाले विदेशी गैंडे भी देखने को मिलेंगे।


