दुर्ग में हार्वेस्टर डीलर की ठगी का दायरा बढ़ा:तीन और किसानों से 61 लाख की धोखाधड़ी, पहले 27 लाख की शिकायत, पुलिस जांच तेज

दुर्ग में हार्वेस्टर डीलर की ठगी का दायरा बढ़ा:तीन और किसानों से 61 लाख की धोखाधड़ी, पहले 27 लाख की शिकायत, पुलिस जांच तेज

दुर्ग में हार्वेस्टर दिलाने के नाम पर किसानों से लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में नया मोड़ आ गया है। 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अधिकृत डीलर की गिरफ्तारी के बाद अब तीन और किसानों ने सामने आकर 60 लाख 91 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने नए हार्वेस्टर की पूरी कीमत चुका दी थी, लेकिन एक साल बाद भी उन्हें मशीन नहीं मिली। पुलिस जांच के दौरान सामने आई नई शिकायतों के बाद इस कथित ठगी कांड का दायरा बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि आगे और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। 27 लाख से ज्यादा भुगतान, फिर भी नहीं मिला हार्वेस्टर चौकी जेवरा सिरसा पुलिस के मुताबिक ग्राम पाटेकोहरा निवासी कोमल कुमार लाउने ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मेसर्स दुर्ग ट्रैक्टर्स के संचालक वरुण प्रताप सिंह से करतार कंपनी का नया हार्वेस्टर खरीदने का सौदा हुआ था, जिसकी कीमत 27 लाख 21 हजार रुपये तय हुई थी। किसान ने आरोप लगाया कि नकद भुगतान और बैंक फाइनेंस के जरिए पूरी राशि डीलर को देने के बावजूद आज तक हार्वेस्टर की डिलीवरी नहीं की गई। फाइनेंस की 25 लाख रुपये की राशि सीधे डीलर के खाते में जमा हुई थी। दो और किसानों ने लगाए समान आरोप जांच में यह भी सामने आया कि सूर्यकांत साहू ने हार्वेस्टर खरीदने के लिए 20 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया था, लेकिन उन्हें भी मशीन नहीं मिली। वहीं आनंद राम सोनकर ने आरोप लगाया कि उन्होंने भी हार्वेस्टर के लिए भुगतान किया था। बाद में उन्हें 14 लाख रुपये लौटाए गए, लेकिन 13 लाख 20 हजार रुपये अब भी बकाया हैं और मशीन भी नहीं दी गई। ठगी की रकम पहुंची 60.91 लाख रुपये तीनों किसानों की शिकायतों को मिलाकर कथित धोखाधड़ी की रकम 60 लाख 91 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले परशुराम साहू की शिकायत पर करीब 27 लाख रुपये लेकर हार्वेस्टर उपलब्ध नहीं कराने का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें आरोपी वरुण प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। डिलीवरी के नाम पर मिलता रहा आश्वासन पीड़ित किसानों का आरोप है कि आरोपी लगातार मशीन की डिलीवरी को लेकर नई-नई तारीखें देता रहा। कभी कंपनी से माल निकलने तो कभी जल्द आपूर्ति होने का भरोसा दिलाया जाता रहा। लंबे इंतजार के बाद जब हार्वेस्टर नहीं मिला, तब किसानों ने पुलिस का रुख किया। और बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि अन्य लोगों से भी हार्वेस्टर दिलाने के नाम पर रकम ली गई हो सकती है। इसी कारण पुलिस अब पुराने सौदों, बैंक लेन-देन और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुका है। पुलिस अब उसके व्यावसायिक लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। नई शिकायतों के आधार पर पुलगांव पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किसानों से ली गई रकम का उपयोग कहां किया गया और हार्वेस्टर की डिलीवरी क्यों नहीं हुई।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *