बंदी की मौत, शराब मामले में हुआ था गिरफ्तार:परिजन ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप, सदर अस्पताल में किया हंगामा

बंदी की मौत, शराब मामले में हुआ था गिरफ्तार:परिजन ने पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप, सदर अस्पताल में किया हंगामा

समस्तीपुर में जेल में बंदी की मौत हुई है। युवक की गिरफ्तारी शराब मामले में 30 मई को हुई थी। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि उत्पाद पुलिस ने पिटाई की है, इस वजह से मौत हुई है। मृतक इंद्रवार बाजितपुर गांव के बटोही महतो का बेटा सुधीर महतो है। गिरफ्तारी के अगले दिन 31 मई को उसे जेल भेज दिया गया था। इसकी मौत के बाद परिजन ने सदर अस्पताल में बुधवार को हंगामा किया। मारपीट नहीं हुई है जानकारी अनुसार 31 की रात ही इसे सदर अस्पताल लाया गया था। फिर वापस 31 की रात की जेल लाया गया। तब से यह जेल के हॉस्पिटन में भर्ती था। जेल अधीक्षक प्रशांत ओझा ने बताया कि युवक नशे का आदी था। जिस कारण शराब के लिए यह बेचैन हो गया था। काफी चीख चिल्ला रहा था। 2 जून की रात करीब 9 बजे बंदी की स्थिति बिगड़ने पर उसे फिर सदर अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई। उसके साथ मारपीट नहीं हुई है।
नाक से खून निकल रहा था मृतक बंदी का भतीजा पप्पू महतो ने बताया कि वे शराब नहीं तारी बेचते थे। तारी बेचने पर कहीं प्रतिबंध नहीं है। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद इसकी जमकर पिटाई की गई। जेल भेजे जाने से पहले भी उत्पाद पुलिस की ओर से मारपीट की गई। परिजनों ने मृतक के शरीर पर जख्म भी दिखाए। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मृतक के नाक से खून भी निकल रहा था।
अचानक शराब बंद होने से मौत की आशंका सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने कहा कि बंदी के आने पर उपचार किया गया था। संभावना है कि अचानक शराब बंद होने के कारण कारण मौत हुई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ही मौत की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस मामले में डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड बनाया जा रहा है, जिसकी मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इस दौरान मजिस्ट्रेट की भी तैनाती रहेगी। उधर, जेल के डॉक्टर हेमंत कुमार ने भी मौत की वजह अचानक शराब बंद होना बताया है। समस्तीपुर में जेल में बंदी की मौत हुई है। युवक की गिरफ्तारी शराब मामले में 30 मई को हुई थी। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि उत्पाद पुलिस ने पिटाई की है, इस वजह से मौत हुई है। मृतक इंद्रवार बाजितपुर गांव के बटोही महतो का बेटा सुधीर महतो है। गिरफ्तारी के अगले दिन 31 मई को उसे जेल भेज दिया गया था। इसकी मौत के बाद परिजन ने सदर अस्पताल में बुधवार को हंगामा किया। मारपीट नहीं हुई है जानकारी अनुसार 31 की रात ही इसे सदर अस्पताल लाया गया था। फिर वापस 31 की रात की जेल लाया गया। तब से यह जेल के हॉस्पिटन में भर्ती था। जेल अधीक्षक प्रशांत ओझा ने बताया कि युवक नशे का आदी था। जिस कारण शराब के लिए यह बेचैन हो गया था। काफी चीख चिल्ला रहा था। 2 जून की रात करीब 9 बजे बंदी की स्थिति बिगड़ने पर उसे फिर सदर अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई। उसके साथ मारपीट नहीं हुई है।
नाक से खून निकल रहा था मृतक बंदी का भतीजा पप्पू महतो ने बताया कि वे शराब नहीं तारी बेचते थे। तारी बेचने पर कहीं प्रतिबंध नहीं है। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद इसकी जमकर पिटाई की गई। जेल भेजे जाने से पहले भी उत्पाद पुलिस की ओर से मारपीट की गई। परिजनों ने मृतक के शरीर पर जख्म भी दिखाए। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मृतक के नाक से खून भी निकल रहा था।
अचानक शराब बंद होने से मौत की आशंका सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने कहा कि बंदी के आने पर उपचार किया गया था। संभावना है कि अचानक शराब बंद होने के कारण कारण मौत हुई। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ही मौत की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस मामले में डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड बनाया जा रहा है, जिसकी मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इस दौरान मजिस्ट्रेट की भी तैनाती रहेगी। उधर, जेल के डॉक्टर हेमंत कुमार ने भी मौत की वजह अचानक शराब बंद होना बताया है।  

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