बरेली बवाल : दंगाइयों तक हथियारों और गोलियों की खेप पहुंचाने वाला गिरफ्तार

बरेली बवाल : दंगाइयों तक हथियारों और गोलियों की खेप पहुंचाने वाला गिरफ्तार

बरेली। 26 सितंबर 2025 को बरेली में हुए बवाल की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध असलहों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का एक और सदस्य मुदस्सिर मिर्जा उर्फ गोलू को बारादरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी आशीष रायल पार्क का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की रडार पर था।

पुलिस जांच में सामने आया कि बवाल से पहले ही शहर में बड़ी मात्रा में असलहों की सप्लाई की गई थी। इन्हीं हथियारों से उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग की थी। यह खेप झुमका तिराहे पर इशरत अली की कार से पहुंचाई गई थी, जिसने पूरे शहर को हिंसा की आग में झोंक दिया।

फरहत के घर में बैठकर रची गई थी दंगे की स्क्रिप्ट

जांच में खुलासा हुआ कि बवाल की साजिश फरहत के घर पर बैठकर तैयार की गई थी। यहीं से पूरे शहर में दंगे की रणनीति बनाई गई। पुलिस ने उसी घर से मौलाना तौकीर रजा को भी गिरफ्तार किया था। किला, बारादरी, कोतवाली, कैंट और प्रेमनगर समेत पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज हुए थे।

उत्तराखंड बॉर्डर से लाई गई थी हथियारों की खेप

पूछताछ में आरोपी मुदस्सिर ने कबूला कि फरहत के कहने पर उत्तराखंड सीमा से असलहे मंगवाए गए थे। इन्हें इशरत अली की कार से बरेली लाकर दंगाइयों को सौंपा गया। इससे पहले पुलिस तस्लीम और सोमू खान को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनके पास से सात तमंचे और 44 कारतूस बरामद हुए थे।

यूपी से लेकर दिल्ली-हरियाणा तक फैला गिरोह का जाल

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह यूपी ही नहीं बल्कि उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा तक फैला हुआ है। इसका सरगना हिस्ट्रीशीटर इशरत अली है, जो फरहत का सगा भाई है। गिरोह के कई सदस्य पहले ही जेल में हैं और अब मुदस्सिर की गिरफ्तारी से नेटवर्क और भी साफ हो गया है।

गिरफ्तारियां तय, पुलिस की सख्त नजर

विवेचक संजय धीर ने बताया कि मुदस्सिर को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपी पहले से जेल में हैं और जल्द ही सभी को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं, जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *