औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और देखते ही देखते तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी और हीटवेव से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार की सुबह से ही जिले में मौसम का मिजाज बदल गया और कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। सड़क पर चल रहे राहगीर और बाइक सवार सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए। नौतपा का नहीं दिखा असर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने बताया कि दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो रहा है। इसी के प्रभाव से 26 मई से ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी और लोगों को हीटवेव से कुछ राहत मिली थी। हालांकि दिन में गर्मी बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया है। अगले दो दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगा। लेकिन इस बार नौतपा का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखने को मिल रहा है। 26 मई से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया था और अधिकतम तापमान में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। किसानों के लिए एडवाइजरी जारी मौसम में आए बदलाव को किसानों के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार लंबी अवधि की धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बिचड़ा डालने के लिए उपयुक्त है। 25 मई से रोहिणी नक्षत्र की भी शुरुआत हो चुकी है, जो 10 जून तक चलेगा। तापमान में गिरावट और अनुकूल मौसम का फायदा किसानों को मिलेगा। धान का बिचड़ा बेहतर तरीके से तैयार होगा। अत्यधिक गर्मी और प्रतिकूल मौसम में धान के बिचड़े को बचाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन वर्तमान मौसम खेती के लिए अनुकूल साबित हो सकता है। औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और देखते ही देखते तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी और हीटवेव से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार की सुबह से ही जिले में मौसम का मिजाज बदल गया और कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। सड़क पर चल रहे राहगीर और बाइक सवार सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए। नौतपा का नहीं दिखा असर मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने बताया कि दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो रहा है। इसी के प्रभाव से 26 मई से ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी और लोगों को हीटवेव से कुछ राहत मिली थी। हालांकि दिन में गर्मी बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया है। अगले दो दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगा। लेकिन इस बार नौतपा का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखने को मिल रहा है। 26 मई से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया था और अधिकतम तापमान में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। किसानों के लिए एडवाइजरी जारी मौसम में आए बदलाव को किसानों के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार लंबी अवधि की धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बिचड़ा डालने के लिए उपयुक्त है। 25 मई से रोहिणी नक्षत्र की भी शुरुआत हो चुकी है, जो 10 जून तक चलेगा। तापमान में गिरावट और अनुकूल मौसम का फायदा किसानों को मिलेगा। धान का बिचड़ा बेहतर तरीके से तैयार होगा। अत्यधिक गर्मी और प्रतिकूल मौसम में धान के बिचड़े को बचाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन वर्तमान मौसम खेती के लिए अनुकूल साबित हो सकता है।


