स्मार्ट सिटी-बुडको के राजस्व वाले प्रोजेक्ट निगम को मिले:विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुरोध, मेयर ने मंत्री को लिखा पत्र

स्मार्ट सिटी-बुडको के राजस्व वाले प्रोजेक्ट निगम को मिले:विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुरोध, मेयर ने मंत्री को लिखा पत्र

पटना मेयर सीता साहू ने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में पटना नगर निगम के विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा है कि दूसरे विभाग और एजेंसी की ओर से सड़क खोदकर छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण जलजमाव होने पर निगम की छवि पर असर पड़ता है। उन्होंने पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको के पूरे हुए राजस्व वाले प्रोजेक्ट को निगम को ट्रांसफर करने को कहा। अनेक स्थानों पर सड़क खोदकर निर्माण कार्य प्रगति पर मेयर ने पत्र में लिखा कि पटना नगर निगम की ओर से आगामी मानसून को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। शत-प्रतिशत नाला उड़ाही, अतिरिक्त मजदूरों की तैनाती, नए पंपसेट एवं मशीनों की खरीद, मैनहोल एम्बुलेंस का संचालन, क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन और कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। मगर वर्तमान में पथ निर्माण विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, बुडको, मेट्रो सहित अन्य एजेंसियों की ओर से विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, सड़क खोदा गया है। आपसे अनुरोध है कि संबंधित सभी विभागों और एजेंसियों को निर्देशित किया जाए कि वे खोदी गई सड़कों को जल्द ही रिस्टोर करें।
बुडको ने नालों को एक-दूसरे से नहीं जोड़ा पत्र में लिखा कि बीते दिनों बुडको ने पटना नगर निगम क्षेत्र में नालों का निर्माण किया, लेकिन उन्हें एक दूसरे से और पहले से बने छोटे नालों से अभी तक नहीं जोड़ा गया है। ऐसी परिस्थिति में जलजमाव की आशंका बनी रहती है। मंत्री से अनुरोध किया है कि बुडको को सभी नालों की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री स्तर से दिया जाए। साथ ही, पटना नगर निगम क्षेत्र में संचालित नमामि गंगे परियोजना की प्रगति, कार्य गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा आवश्यक है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको के पूरे हुए प्रोजेक्ट निगम को हो ट्रांसफर लिखा कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको की ओर से पिछले साल में पटना नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना का निर्माण और विकास कराया गया है। इसके लिए पटना नगर निगम की ओर से विधिवत NOC भी दिया गया था। मगर राजस्व सृजन की क्षमता रखने वाली परियोजनाएं, जैसे अदालतगंज तालाब, मल्टी मॉडल हब, संप हाउस, सड़क, नाली, एसटीपी, पार्क और अन्य आधारभूत संरचनाओं का संचालन और रखरखाव भी उनके द्वारा ही किया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण नगर निगम संभावित राजस्व स्रोतों से वंचित रह जा रहा है। इसलिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको की ओर से पूरे की जा चुकी सभी परियोजनाओं को विधिवत रूप से पटना नगर निगम को ट्रांसफर करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जाए।
पटना नगर निगम ने जलापूर्ति बोर्ड का किया गठन नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पटना नगर निगम को उन सभी स्वीकृत पेयजल परियोजनाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है, जिनका काम शुरू नहीं हुआ है। साथ ही, ऐसी परियोजनाओं का नया डीपीआर तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया था। इस संबंध में पटना नगर निगम ने जलापूर्ति बोर्ड का गठन किया है। मेयर ने मंत्री से अनुरोध किया है कि निगम क्षेत्र की सभी जलापूर्ति संबंधी परियोजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व पटना नगर निगम के जलापूर्ति बोर्ड को ही प्रदान किया जाए।
लीगेसी वेस्ट के डिस्पोजल के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध उन्होंने रामचक बैरिया में लीगेसी वेस्ट के डिस्पोजल के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही पटना नगर निगम क्षेत्र में सड़क निर्माण, सड़क पुनर्स्थापन, जलापूर्ति, निगम कार्यालय, गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, खेल का मैदान, सामुदायिक भवन आदि विभिन्न स्वीकृत परियोजनाएं राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण अधूरी पड़ी हैं। इसे भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
वेंडिंग जोन, वधशाला प्रोजेक्ट के लिए अन्य विभाग ने नहीं दी NOC इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र में वेंडिंग जोन, वधशाला और परियोजनाओं के लिए विभाग की ओर से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मगर इन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए निगम ने पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों से NOC की मांग की है, जो अभी तक नहीं मिली है। वहीं, उन्होंने 15 लाख रुपये तक योजना को टेबल टेंडर के माध्यम से कराने का भी अनुरोध किया है। रेनकोट, सेफ्टी किट और आधुनिक उपकरणों से लैस होगी QRT दूसरी ओर मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को मॉनसून की तैयारियों पर बैठक की थी। उन्होंने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को पूरी तरह सशक्त बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मियों को प्रॉपर इक्विपमेंट किट, फुल रेनकोट यूनिफॉर्म और जूते उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे बारिश के दौरान बेहतर तरीके से काम कर सकें। उन्होंने मशीन होल की सफाई में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध नई तकनीकों का जल्द उपयोग शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जनता परेशान हुई तो कार्रवाई तय है। पटना मेयर सीता साहू ने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में पटना नगर निगम के विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा है कि दूसरे विभाग और एजेंसी की ओर से सड़क खोदकर छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण जलजमाव होने पर निगम की छवि पर असर पड़ता है। उन्होंने पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको के पूरे हुए राजस्व वाले प्रोजेक्ट को निगम को ट्रांसफर करने को कहा। अनेक स्थानों पर सड़क खोदकर निर्माण कार्य प्रगति पर मेयर ने पत्र में लिखा कि पटना नगर निगम की ओर से आगामी मानसून को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। शत-प्रतिशत नाला उड़ाही, अतिरिक्त मजदूरों की तैनाती, नए पंपसेट एवं मशीनों की खरीद, मैनहोल एम्बुलेंस का संचालन, क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन और कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। मगर वर्तमान में पथ निर्माण विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, बुडको, मेट्रो सहित अन्य एजेंसियों की ओर से विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, सड़क खोदा गया है। आपसे अनुरोध है कि संबंधित सभी विभागों और एजेंसियों को निर्देशित किया जाए कि वे खोदी गई सड़कों को जल्द ही रिस्टोर करें।
बुडको ने नालों को एक-दूसरे से नहीं जोड़ा पत्र में लिखा कि बीते दिनों बुडको ने पटना नगर निगम क्षेत्र में नालों का निर्माण किया, लेकिन उन्हें एक दूसरे से और पहले से बने छोटे नालों से अभी तक नहीं जोड़ा गया है। ऐसी परिस्थिति में जलजमाव की आशंका बनी रहती है। मंत्री से अनुरोध किया है कि बुडको को सभी नालों की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री स्तर से दिया जाए। साथ ही, पटना नगर निगम क्षेत्र में संचालित नमामि गंगे परियोजना की प्रगति, कार्य गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा आवश्यक है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको के पूरे हुए प्रोजेक्ट निगम को हो ट्रांसफर लिखा कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको की ओर से पिछले साल में पटना नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना का निर्माण और विकास कराया गया है। इसके लिए पटना नगर निगम की ओर से विधिवत NOC भी दिया गया था। मगर राजस्व सृजन की क्षमता रखने वाली परियोजनाएं, जैसे अदालतगंज तालाब, मल्टी मॉडल हब, संप हाउस, सड़क, नाली, एसटीपी, पार्क और अन्य आधारभूत संरचनाओं का संचालन और रखरखाव भी उनके द्वारा ही किया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण नगर निगम संभावित राजस्व स्रोतों से वंचित रह जा रहा है। इसलिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको की ओर से पूरे की जा चुकी सभी परियोजनाओं को विधिवत रूप से पटना नगर निगम को ट्रांसफर करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जाए।
पटना नगर निगम ने जलापूर्ति बोर्ड का किया गठन नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पटना नगर निगम को उन सभी स्वीकृत पेयजल परियोजनाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है, जिनका काम शुरू नहीं हुआ है। साथ ही, ऐसी परियोजनाओं का नया डीपीआर तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया था। इस संबंध में पटना नगर निगम ने जलापूर्ति बोर्ड का गठन किया है। मेयर ने मंत्री से अनुरोध किया है कि निगम क्षेत्र की सभी जलापूर्ति संबंधी परियोजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व पटना नगर निगम के जलापूर्ति बोर्ड को ही प्रदान किया जाए।
लीगेसी वेस्ट के डिस्पोजल के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध उन्होंने रामचक बैरिया में लीगेसी वेस्ट के डिस्पोजल के लिए राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही पटना नगर निगम क्षेत्र में सड़क निर्माण, सड़क पुनर्स्थापन, जलापूर्ति, निगम कार्यालय, गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, खेल का मैदान, सामुदायिक भवन आदि विभिन्न स्वीकृत परियोजनाएं राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण अधूरी पड़ी हैं। इसे भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
वेंडिंग जोन, वधशाला प्रोजेक्ट के लिए अन्य विभाग ने नहीं दी NOC इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र में वेंडिंग जोन, वधशाला और परियोजनाओं के लिए विभाग की ओर से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मगर इन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए निगम ने पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों से NOC की मांग की है, जो अभी तक नहीं मिली है। वहीं, उन्होंने 15 लाख रुपये तक योजना को टेबल टेंडर के माध्यम से कराने का भी अनुरोध किया है। रेनकोट, सेफ्टी किट और आधुनिक उपकरणों से लैस होगी QRT दूसरी ओर मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को मॉनसून की तैयारियों पर बैठक की थी। उन्होंने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को पूरी तरह सशक्त बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मियों को प्रॉपर इक्विपमेंट किट, फुल रेनकोट यूनिफॉर्म और जूते उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे बारिश के दौरान बेहतर तरीके से काम कर सकें। उन्होंने मशीन होल की सफाई में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध नई तकनीकों का जल्द उपयोग शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जनता परेशान हुई तो कार्रवाई तय है।  

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