घाटमपुर तहसील के हथेही गांव में लगभग 13 हेक्टेयर (करीब 84 बीघा) झील को अतिक्रमण मुक्त कर उसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी घाटमपुर ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अविचल प्रताप सिंह ने ग्रामीणों से झील की वर्तमान स्थिति और उसकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि झील के किनारों और भीतर कई स्थानों पर अवैध कब्जे कर खेती की जा रही है, जिससे इसका मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। स्थिति का जायजा लेने के बाद एसडीएम ने लेखपाल विकास सचान को अधिग्रहित भूमि तत्काल कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया। उन्होंने झील की सीमा का चिन्हांकन करने के लिए चारों ओर सीमेंट के खंभे लगवाने और खुदाई कराकर जलधारण क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों से श्रमदान के माध्यम से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की, ताकि झील का सुंदरीकरण जनसहभागिता से पूरा हो सके। उन्होंने झील तक पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता बनवाने का भी आश्वासन दिया।
प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से झील का सुंदरीकरण नहीं हुआ था। लगातार कम वर्षा और भूजल स्तर गिरने के कारण झील में पानी टिकना बंद हो गया। करीब दस वर्ष पहले तक यहां सर्दियों में साइबेरियन पक्षी आते थे, लेकिन पानी की कमी के कारण उन्होंने पलायन कर लिया। झील सूखने के बाद खाली पड़ी भूमि पर धीरे-धीरे अवैध खेती शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों और झीलों के सूखने से पशु-पक्षियों के साथ स्थानीय पर्यावरण भी प्रभावित हुआ है। उपजिलाधिकारी ने लेखपाल को शीघ्र कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।


