जिस घर में कुछ दिन पहले तक दो साल की काशवी की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का आरोप है कि एक निजी क्लिनिक में हुए गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। मामले की सच्चाई जानने के लिए मौत के 5 दिन बाद प्रशासन की अनुमति से मंगलवार को बच्ची का शव श्मशान घाट से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामला बालदा कॉलोनी निवासी नितिन यादव की दो वर्षीय बेटी काशवी का है। उसे 27 मई को हल्के उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उन्होंने उसे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित ‘द हेल्थ केयर क्लिनिक’ पर दिखाया। 28 मई को काशवी की मौत हो गई थी। ड्रिप लगाई फिर हालत बिगड़ने लगी आरोप है कि क्लिनिक पर डॉ. अनिल घई ने उसे देखा और ड्रिप लगवाई थी। पहले चार बोतल ड्रिप लगाई। इसके बाद उसे एक उल्टी हुई। परिजन का आरोप है कि डॉ. घई ने कहा कि अभी उसे एक डोज और दिया जाना है। इसके बाद उसे फिर ड्रिप लगाई गई। फिर कुछ समय बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसकी हार्ट बीट तेज हो गई। परिजन ने बात की तो डॉक्टर ने विश्वास दिलाया कि वह ठीक हो जाएगी। इसके बाद जब हालत और बिगड़ी तो डॉक्टर ने परिजन को कहा कि ड्रिप पूरी हो चुकी है। इसे घर ले जाओ, ठीक हो जाएगी। इसके बाद परिजन उसे रात को घर ले आए। फिर रात को उसके हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ गए तो परिजन सुबह उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखी तो सरकारी चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय ले गए। यहां उसकी गंभीर हालत देख उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद सदमे में मां निशा तो बदहवास हो गई। परिजन ने मांग की तो पीएम की अनुमति मिली मामले में परिजन को शुरू से ही डॉ. घई द्वारा किए गए इलाज को लेकर शक है। उन्होंने भंवरकुआ पुलिस को शिकायत की तो पुलिस ने कहा कि जब तक पोस्टमॉर्टम नहीं होगा तब तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं होगा। इसके बाद परिजन ने एसडीएम से अनुमति ली। मंगलवार दोपहर को पुलिस की मौजूदगी में पचकुइया शमशान से मासूम का शव कब्र से निकाला गया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। शाम को काशवी का पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन ने उसका अंतिम संस्कार किया और फूट पड़े। मां की आंखों से नहीं थम रहे आंसू मासूम की मौत के बाद मां निशा की हालत बेहद खराब है। परिवार के सदस्य बताते हैं कि बेटी को खोने का दर्द पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ गया है। एक माह पहले ही परिवार ने उसका जन्मदिन मनाया थाथ काशवी की तस्वीरें और उसकी छोटी-छोटी यादें अब घरवालों की आंखें नम कर देती हैं। मेरी बेटी तो चली गई, किसी और बच्चे के साथ ऐसा न हो पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार के दौरान पिता नितिन यादव भावुक हो उठे। उन्होंने कहा मेरी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन मैं चाहता हूं कि किसी और परिवार को यह दर्द न झेलना पड़े। यदि किसी की लापरवाही से मेरी बच्ची की जान गई है तो सच सामने आना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। पिता का कहना है कि इलाज से संबंधित दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। 5 डॉक्टरों की स्पेशल टीम किया पोस्टमॉर्टम भंवरकुआं पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत के बाद एसडीएम की अनुमति से बच्ची का शव निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पीएम 5 डॉक्टरों की स्पेशल टीम ने किया है। जांच अधिकारी एएसआई दिवेश कलेश ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मामले में अब अस्पतालों से भी दस्तावेज मांगे गए हैं। वहीं आरोपों से घिरे डॉक्टर घई से भास्कर ने बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।


