भोपाल के सात नंबर तिराहे और मान सरोवर क्षेत्र की ट्रैफिक ज्योमेट्री बदल रही है। मैनिट द्वारा तैयार डिजाइन के आधार पर यहां दो सर्विस लेन, रोटरी, चैन लाइजिंग आइलैंड और अन्यट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधार किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी काफी गफलत की स्थिति है और हर रोज हजारों वाहन चालक उलझते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि जनवरी 2025 में आंबेडकर सेतु(जीजी फ्लाईओवर) शुरू हुआ था। इसने राजधानी के यातायात को नई दिशा दी, लेकिन इसके साथ ही 7 नंबर तिराहे और मानसरोवर क्षेत्र के ट्रैफिक का स्वरूप भी बदल गया। फ्लाईओवर शुरू होने के करीब डेढ़ साल बाद अब इस पूरे जंक्शन की ज्योमेट्री बदली जा रही है। यह ट्रैफिक संभालता है तिराहा
7 नंबर तिराहा आरकेएमपी स्टेशन, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी और शिवाजी नगर को जोड़ता है। आंबेडकर सेतु शुरू होने से पहले यह क्षेत्र मुख्य रूप से स्थानीय यातायात को संभालता था, लेकिन फ्लाईओवर के संचालन के बाद यह एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बन गया है। जब यह तिराहा बना था तब मानसरोवर कॉम्प्लेक्स भी नहीं था। जीजी फ्लाईओवर बन जाने के बाद यहां ट्रैफिक के नेचर में बदलाव हुआ है और अगले कुछ महीनों में भाजपा कार्यालय की हाईराइज बिल्डिंग भी तैयार हो जाएगी। यानी यहां ट्रैफिक मूवमेंट का पैटर्न लगातार बदल रहा है। ये काम हो रहे दो साल पहले मैनिट ने दी थी डिजाइन
मैनिट के ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट एक्सपर्टडॉ.सिद्धार्थ रोकड़े ने करीब दो साल पहले इस पूरे क्षेत्र का अध्ययन कर नया ज्यामैट्री ले-आउट तैयार किया था। अब उसी डिजाइन के आधार परजंक्शन को रिडिजाइन किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक्जीक्युटिव इंजीनियर एआर मोरेने बताया कि आंबेडकर सेतु शुरू होने के बादएमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर और रेलवे स्टेशन की ओर आने-जाने वाले लोगों की सुविधा तथा ट्रैफिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।


