मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत जियन खुर्द गांव से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव में प्रेम विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार के दबाव में एक परिवार ने अपनी ही जीवित बेटी को मृत मानते हुए उसका प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया। गांव में युवती के पुतले की अर्थी निकाली गई। श्मशान घाट पर हिंदू रीति-रिवाज के साथउ सका दाह संस्कार किया गया। घटना रविवार की बताई जा रही है। एक माह पहले हुई थी शादी करीब एक माह पहले युवती(20) अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। मामले में परिजनों ने करजा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने युवती को बरामद करकोर्ट में पेश किया। कोर्ट में युवती ने खुद को बालिग बताते हुए युवक से शादी करने की बात स्वीकार की और उसके साथ रहने की इच्छाज ताई। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसके परिजन युवक के परिवार पर दबाव बना रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने युवती को उसकी इच्छानुसार उसके ससुराल भेज दिया। पंचायत अपने फैसले पर अड़ी रही युवती के इस फैसले से का एक वर्ग नाराज हो गया। उन्होंने परिवार का ‘सामाजिक बहिष्कार’ कर दिया। पंचायत स्तर पर कथित तौर पर यह नियम बना दिया गया कि गांव का कोई व्यक्ति उस परिवार से मेल-जोल, खान-पान या सामाजिक संबंध नहीं रखेगा। इतना ही नहीं, जो भी व्यक्ति उस परिवार से संबंध रखेगा, उसके खिलाफ भी सामाजिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। समाज में दोबारा शामिल होने के लिए पंचायत ने एक शर्त रखी कि अगर परिवार अपनी बेटी को हमेशा के लिए मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर देता है, तभी उन्हें वापस समाज का हिस्सा माना जाएगा। समाज के दबाव में बेटी का अंतिम संस्कार किया रविवार को पंचायत की शर्त को स्वीकार करते हुए परिजनों ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाया। उसे अर्थी पर लिटाया गया और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ गांव में उसकी शव यात्रा निकाली गई। श्मशान घाट ले जाकर मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का दाह संस्कार कर दिया गया। स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सामाजिक दबाव और बहिष्कार खत्म करने के लिए परिवार ने यह कदम उठाया है। कोर्ट में बयान दर्ज हुआ था वहीं, करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि पुलिस ने नियमानुसार युवती का बयान दर्ज कराया था। चूंकि वह बालिग थी, इसलिए उसे उसके ससुराल भेज दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी पर दबाव डालकर इस तरह का कृत्य कराया गया है। मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत जियन खुर्द गांव से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। गांव में प्रेम विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार के दबाव में एक परिवार ने अपनी ही जीवित बेटी को मृत मानते हुए उसका प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया। गांव में युवती के पुतले की अर्थी निकाली गई। श्मशान घाट पर हिंदू रीति-रिवाज के साथउ सका दाह संस्कार किया गया। घटना रविवार की बताई जा रही है। एक माह पहले हुई थी शादी करीब एक माह पहले युवती(20) अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। मामले में परिजनों ने करजा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने युवती को बरामद करकोर्ट में पेश किया। कोर्ट में युवती ने खुद को बालिग बताते हुए युवक से शादी करने की बात स्वीकार की और उसके साथ रहने की इच्छाज ताई। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसके परिजन युवक के परिवार पर दबाव बना रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने युवती को उसकी इच्छानुसार उसके ससुराल भेज दिया। पंचायत अपने फैसले पर अड़ी रही युवती के इस फैसले से का एक वर्ग नाराज हो गया। उन्होंने परिवार का ‘सामाजिक बहिष्कार’ कर दिया। पंचायत स्तर पर कथित तौर पर यह नियम बना दिया गया कि गांव का कोई व्यक्ति उस परिवार से मेल-जोल, खान-पान या सामाजिक संबंध नहीं रखेगा। इतना ही नहीं, जो भी व्यक्ति उस परिवार से संबंध रखेगा, उसके खिलाफ भी सामाजिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। समाज में दोबारा शामिल होने के लिए पंचायत ने एक शर्त रखी कि अगर परिवार अपनी बेटी को हमेशा के लिए मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर देता है, तभी उन्हें वापस समाज का हिस्सा माना जाएगा। समाज के दबाव में बेटी का अंतिम संस्कार किया रविवार को पंचायत की शर्त को स्वीकार करते हुए परिजनों ने अपनी जीवित बेटी का पुतला बनाया। उसे अर्थी पर लिटाया गया और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ गांव में उसकी शव यात्रा निकाली गई। श्मशान घाट ले जाकर मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का दाह संस्कार कर दिया गया। स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सामाजिक दबाव और बहिष्कार खत्म करने के लिए परिवार ने यह कदम उठाया है। कोर्ट में बयान दर्ज हुआ था वहीं, करजा थानाध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि पुलिस ने नियमानुसार युवती का बयान दर्ज कराया था। चूंकि वह बालिग थी, इसलिए उसे उसके ससुराल भेज दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी पर दबाव डालकर इस तरह का कृत्य कराया गया है।


