‘नाले ओवरफ्लो हो रहे, टंकी का छत टूटकर लटक रहा’:लोग बोले- शिकायत करने पर अधिकारी कहते- हमें वेतन नहीं मिला, आपको चैंबर की पड़ी है

‘नाले ओवरफ्लो हो रहे, टंकी का छत टूटकर लटक रहा’:लोग बोले- शिकायत करने पर अधिकारी कहते- हमें वेतन नहीं मिला, आपको चैंबर की पड़ी है

पटना नगर निगम के 6 अंचल में मंगलवार को सहयोग शिविर लगा। अपने-अपने वार्ड से लोग समस्या लेकर पहुंचे। लोगों की शिकायतें बिजली, पानी, सड़क, नाला से संबंधित रहीं। उन्होंने कहा, हम अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो कहा जाता है कि हमें वेतन नहीं मिला और आपके चैंबर की पड़ी है। एक व्यक्ति ने कहा कि नाले का पानी रोड पर लगा रहता है, रास्ता बहुत खराब है, जिसकी वजह से हमने वैकल्पिक मार्ग को ही अपना रास्ता बना लिया है। शिविर में पटना नगर निगम के सभी 6 अंचल से 282 आवेदन प्राप्त हुए और 58 का ऑन स्पॉट निवारण किया गया। देखें शिविर की तस्वीरें… हमें वेतन नहीं मिल रहा है और आपको चैंबर का पड़ा हुआ पश्चिमी लोहानीपुर निवासी हरिशंकर सिंह ने कहा कि हमारे गली में चैंबर टूटा हुआ है। 1 साल से सुपरवाइजर, इंस्पेक्टर को कहा जा रहा है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह कहते हैं कि हमें वेतन नहीं मिल रहा है और आपको चैंबर का पड़ा हुआ है। नाले का पानी घरों में घुस जा रहा है और बदबू से रहना मुश्किल हो गया है। नाला ओवरफ्लो होने के कारण गंदे नाली का छींटा पड़ जाता वार्ड नंबर 47 स्थिति जय महावीर कॉलोनी के स्थानीय निवासी संतोष कुमार ने कहा कि मैं रोड नंबर 5 में रहता हूं। पिछले 1 महीने से मैं नाला उड़ाही के लिए बोल रहा हूं, मगर नाल उड़ाही नहीं हो रही है। इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर सहित सभी अधिकारियों को मैं बोलकर थक चुका हूं। नाला उड़ाही नहीं होने के कारण चैंबर ओवरफ्लो होकर सारा गंदा पानी रोड पर आ गया है। ऑफिस जाने के लिए नहाकर निकलते हैं मगर नाला के गंदा पानी का छींटा पड़ जाता है। फिर से नहाने के लिए घर जाना पड़ता है, ऐसे में मन में काफी आक्रोश आ जाता है। साथ ही 10 चैंबर करीब 2 साल से टूटे हुए हैं। उस चैंबर को बनाने के लिए भी बोला जा रहा है मगर किसी भी अधिकारी के कान में जू तक नहीं रेंग रहा है। शिकायत करके हम लोग थक गए हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। 2 साल से वृद्धा पेंशन रोक दिया गया वार्ड- 36 के सुकन साहू ने कहा कि 2 साल से मेरा वृद्धा पेंशन रोक दिया गया है। इसी पेंशन के पैसों से घर की रोजी-रोटी चलती है। अब हमारा राशन पानी भी बंद हो गया है। मैं एक झोपड़पट्टी में रहता हूंव वहां आसपास कोई शौचालय भी नहीं है। टंकी का छत टूट कर लटका हुआ है लोहानीपुर की सुनीता देवी ने कहा कि जिस जगह पर सरकारी बोरिंग हुई थी और टंकी रखी गई थी, वहां की टंकी का छत पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। छत टूटकर लटका हुआ है। वह छत कभी भी गिर सकता है और एक बड़ा हादसा हो सकता है। लोग वैसे ही स्थिति में जाकर पानी भरते हैं, नहाते हैं, अपने काम के लिए पानी को ले जाते हैं। हम लोगों ने इसकी शिकायत वार्ड काउंसलर से की थी और उन्होंने कहा था कि आदमी जाएगा, मगर कोई आया ही नहीं। वह छत कब किस पर गिर जाएगा कोई ठीकाना नहीं है। डर के कारण हम लोग बच्चे को वहां नहीं भेजते हैं। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए ब्लॉक से निगम दौड़ाया जाता वहीं, बांकीपुर अंचल के नीतीश कुमार ने कहा कि मेरे राशन कार्ड में सिर्फ मेरी पत्नी का नाम था। मेरा और मेरे बच्चों का नाम नहीं था, इसे जुड़वाने के लिए मैं पिछले सवा साल से भागा-दौड़ी कर रहा हूं। मुझे ब्लॉक से नगर निगम और नगर निगम से ब्लॉक के दौड़ाया जाता था, जिसके कारण मुझे काफी परेशानी होती थी। परिवार के लोगों के हिसाब से हमें राशन कम मिलता था। हर अंचल में प्राप्त आवेदन और निष्पादन नूतन राजधानी अंचल- आवेदन-65, निष्पादन-12 पाटलिपुत्र अंचल- आवेदन- 65, निष्पादन- 14 बांकीपुर अंचल- आवेदन- 42, निष्पादन- 14 कंकड़बाग अंचल- आवेदन- 71, निष्पादन-11 अजीमाबाद अंचल- आवेदन-26, निष्पादन-5 पटना सिटी अंचल- आवेदन-13, निष्पादन-2 पटना नगर निगम के 6 अंचल में मंगलवार को सहयोग शिविर लगा। अपने-अपने वार्ड से लोग समस्या लेकर पहुंचे। लोगों की शिकायतें बिजली, पानी, सड़क, नाला से संबंधित रहीं। उन्होंने कहा, हम अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो कहा जाता है कि हमें वेतन नहीं मिला और आपके चैंबर की पड़ी है। एक व्यक्ति ने कहा कि नाले का पानी रोड पर लगा रहता है, रास्ता बहुत खराब है, जिसकी वजह से हमने वैकल्पिक मार्ग को ही अपना रास्ता बना लिया है। शिविर में पटना नगर निगम के सभी 6 अंचल से 282 आवेदन प्राप्त हुए और 58 का ऑन स्पॉट निवारण किया गया। देखें शिविर की तस्वीरें… हमें वेतन नहीं मिल रहा है और आपको चैंबर का पड़ा हुआ पश्चिमी लोहानीपुर निवासी हरिशंकर सिंह ने कहा कि हमारे गली में चैंबर टूटा हुआ है। 1 साल से सुपरवाइजर, इंस्पेक्टर को कहा जा रहा है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह कहते हैं कि हमें वेतन नहीं मिल रहा है और आपको चैंबर का पड़ा हुआ है। नाले का पानी घरों में घुस जा रहा है और बदबू से रहना मुश्किल हो गया है। नाला ओवरफ्लो होने के कारण गंदे नाली का छींटा पड़ जाता वार्ड नंबर 47 स्थिति जय महावीर कॉलोनी के स्थानीय निवासी संतोष कुमार ने कहा कि मैं रोड नंबर 5 में रहता हूं। पिछले 1 महीने से मैं नाला उड़ाही के लिए बोल रहा हूं, मगर नाल उड़ाही नहीं हो रही है। इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर सहित सभी अधिकारियों को मैं बोलकर थक चुका हूं। नाला उड़ाही नहीं होने के कारण चैंबर ओवरफ्लो होकर सारा गंदा पानी रोड पर आ गया है। ऑफिस जाने के लिए नहाकर निकलते हैं मगर नाला के गंदा पानी का छींटा पड़ जाता है। फिर से नहाने के लिए घर जाना पड़ता है, ऐसे में मन में काफी आक्रोश आ जाता है। साथ ही 10 चैंबर करीब 2 साल से टूटे हुए हैं। उस चैंबर को बनाने के लिए भी बोला जा रहा है मगर किसी भी अधिकारी के कान में जू तक नहीं रेंग रहा है। शिकायत करके हम लोग थक गए हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। 2 साल से वृद्धा पेंशन रोक दिया गया वार्ड- 36 के सुकन साहू ने कहा कि 2 साल से मेरा वृद्धा पेंशन रोक दिया गया है। इसी पेंशन के पैसों से घर की रोजी-रोटी चलती है। अब हमारा राशन पानी भी बंद हो गया है। मैं एक झोपड़पट्टी में रहता हूंव वहां आसपास कोई शौचालय भी नहीं है। टंकी का छत टूट कर लटका हुआ है लोहानीपुर की सुनीता देवी ने कहा कि जिस जगह पर सरकारी बोरिंग हुई थी और टंकी रखी गई थी, वहां की टंकी का छत पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है। छत टूटकर लटका हुआ है। वह छत कभी भी गिर सकता है और एक बड़ा हादसा हो सकता है। लोग वैसे ही स्थिति में जाकर पानी भरते हैं, नहाते हैं, अपने काम के लिए पानी को ले जाते हैं। हम लोगों ने इसकी शिकायत वार्ड काउंसलर से की थी और उन्होंने कहा था कि आदमी जाएगा, मगर कोई आया ही नहीं। वह छत कब किस पर गिर जाएगा कोई ठीकाना नहीं है। डर के कारण हम लोग बच्चे को वहां नहीं भेजते हैं। राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए ब्लॉक से निगम दौड़ाया जाता वहीं, बांकीपुर अंचल के नीतीश कुमार ने कहा कि मेरे राशन कार्ड में सिर्फ मेरी पत्नी का नाम था। मेरा और मेरे बच्चों का नाम नहीं था, इसे जुड़वाने के लिए मैं पिछले सवा साल से भागा-दौड़ी कर रहा हूं। मुझे ब्लॉक से नगर निगम और नगर निगम से ब्लॉक के दौड़ाया जाता था, जिसके कारण मुझे काफी परेशानी होती थी। परिवार के लोगों के हिसाब से हमें राशन कम मिलता था। हर अंचल में प्राप्त आवेदन और निष्पादन नूतन राजधानी अंचल- आवेदन-65, निष्पादन-12 पाटलिपुत्र अंचल- आवेदन- 65, निष्पादन- 14 बांकीपुर अंचल- आवेदन- 42, निष्पादन- 14 कंकड़बाग अंचल- आवेदन- 71, निष्पादन-11 अजीमाबाद अंचल- आवेदन-26, निष्पादन-5 पटना सिटी अंचल- आवेदन-13, निष्पादन-2  

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