मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी की उम्र पर किशोर न्याय बोर्ड आज फैसला सुना सकता है। दरअसल, बोर्ड के द्वारा कराए गए मेडिकल टेस्ट में आरोपी की उम्र लगभग 19 वर्ष निकलकर आई थी। जिस दिन रिपोर्ट का लिफाफा खुला, उस दिन बोर्ड ने फैसला नहीं सुनाया और दोनों पक्षों को सुनने के बाद 27 मई की तारीख निर्धारित कर दी। मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में कपसाड़ गांव है। 8 जनवरी को गांव का ही एक युवक खेत पर अपनी मां के साथ काम कर रही युवती को अगवा कर ले गया था। आरोप है कि युवक ने युवती की मां पर हमला किया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था। सहारनपुर से बरामद हुई युवती
युवती को सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई। करीब 48 घंटे के अंदर दोनों को सकुशल बरामद कर लिया गया। कोर्ट ने आरोपी युवक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि युवती अपने परिजनों के साथ घर लौट गई। परिजनों ने आरोपी को बताया नाबालिग गिरफ्तारी के बाद परिजनों ने आरोपी को नाबालिग बताया। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने कोर्ट में याचिका दायर की और इस मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की अपील की। मामला उम्र निर्धारण पर आकर अटक गया। आरोपी पक्ष ने कुछ दस्तावेज भी पेश किये लेकिन वादी पक्ष ने मेडिकल टेस्ट कराने की मांग उठा दी। जेजे बोर्ड के आदेश पर हुआ मेडिकल टेस्ट आरोपी की उम्र तय करने के लिए वादी अधिवक्ता राजेंद्र कुमार की याचिका पर जेजे बोर्ड ने मेडिकल टेस्ट कराए जाने के आदेश किये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कटारिया ने अपनी देखरेख में आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराया और 16 मई को रिपोर्ट जेजे बोर्ड भेज दी जो 21 मई को खोली गई। बोर्ड ने निर्णय सुरक्षित रख लिया। दोनों पक्षों की नजर जेजे बोर्ड पर
उम्र का लिफाफा खुलने के बाद भी वादी और प्रतिवादी दोनों ही खुद के पक्ष में निर्णय आने का दावा कर रहे हैं। बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सभी की नजर बोर्ड के फैसले पर रहेगा। इसके अलावा उस याचिका पर भी सभी की नजर रहेगी, जिसमें वादी पक्ष ने आरोपी का मनोचिकित्सक टेस्ट कराए जाने का आग्रह किया था।


