फैक्ट फाइल-
| तारीख | अधिकतम बिजली डिमांड (गीगावाट में) | पीक समय |
| 24 अप्रेल | 251 | दोपहर 3.49 बजे |
| 25 अप्रेल | 256 | दोपहर 3.13 बजे |
| 26 अप्रेल | 234 | दोपहर 3.37 बजे |
| 27 अप्रेल | 255 | दोपहर 3.35 बजे |
नई दिल्ली। देश में गर्मी के तीखे तेवर के साथ बिजली की डिमांड पर दिखने लगा है। अप्रेल के आखिरी सप्ताह में बिजली की डिमांड 250 गीगावाट को पार कर गई है। 25 अप्रेल को 256 गीगावाट तो सोमवार को 255 गीगावाट बिजली की डिमांड रही। दिलचस्प यह है कि हर दिन पीक समय दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रहा, जब तापमान अपने चरम पर होता है और कूलिंग की जरूरत सबसे ज्यादा होती है।
दरअसल, देश के अधिकांश इलाकों में एकाएक तापमान बढ़ रहा है। खासतौर पर उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में हीटवेव जैसे हालात बन रहे हैं, जिससे एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है। शहरी इलाकों में कूलिंग लोड तेजी से बढ़ा है, जबकि रात में भी तापमान ऊंचा रहने से मांग कम होने के बजाय बनी रहती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मई-जून में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। फिलहाल अधिकांश हिस्सों में 40 से 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि मई-जून तक बिजली की मांग करीब 265 से 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। वहीं 2029-30 तक यह मांग 354 गीगावाट से अधिक तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौजूदा बढ़त सिर्फ एक सीजनल स्पाइक नहीं, बल्कि बदलते कंजम्पशन पैटर्न का संकेत भी मानी जा रही है।
घटता चला गया मांग-आपूर्ति का अंतर
देश में बिजली की मांग के बढ़ते दबाव के साथ आपूर्ति भी बढ़ रही है। इसके चलते मांग व आपूर्ति का अंतर अब नाम का रह गया है। जहां 2022-23 में देश को 215 गीगावाट की मांग थी, जबकि इसके एवज में 207 गीगावाट बिजली ही आपूर्ति हो सकती थी। ऐसे में करीब 4 फीसदी बिजली की कमी महसूस की गई। वहीं 2025-26 में बिजली की मांग 245 गीगावाट तक पहुंची, लेकिन आपूर्ति भी 245 गीगावाट तक हो गई। महज 28 मेगावाट बिजली की कमी रही। गौरतलब है कि देश में 532 गीगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है।
साल-दर-साल ऐसी बढ़ रही बिजली की डिमांड (गीगावाट में)
| वर्ष | मांग | आपूर्ति | कमी (% में) |
| 2022-23 | 215.88 | 207.23 | 4 |
| 2023-24 | 243.27 | 239.37 | 1.4 |
| 2024-25 | 249.85 | 249.85 | 0 |
| 2025-26 | 245.444 | 245.416 | 0 |
इन तीन राज्यों में ऐसे बढ़ रही बिजली की डिमांड (मिलियन यूनिट में)
| राज्य | 2022-23 | 23-24 | 24-25 | 25-26 (फरवरी तक) |
| राजस्थान | 1.01 लाख | 1.07 लाख | 1.13 लाख | 94 हजार |
| मध्यप्रदेश | 97 हजार | 99 हजार | 1.04 लाख | 94 हजार |
| छत्तीसगढ़ | 37 हजार | 39 हजार | 43 हजार | 38 हजार |


